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BJP का राज्यसभा सीटों के लिए क्रॉस वोटिंग ‘फॉर्मूला’:मुकेश मल्होत्रा के बाद राजेंद्र भारती पर निशाना, अब 4 और विधायकों पर रहेगी नजर

दतिया से कांग्रेस विधायक की सदस्यता खत्म करने का विधानसभा सचिवालय का फैसला जून में होने वाले राज्यसभा चुनावों को लेकर बीजेपी की सियासी बिसात का हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी ने यदि कांग्रेस के सात विधायकों को क्रॉस वोटिंग करने या चुनाव में वोट डालने से वंचित करा लिया, तो आगामी चुनाव में कांग्रेस के हाथ से राज्यसभा की एक सीट खिसक सकती है। इन दिनों बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व इसी फार्मूले पर मध्यप्रदेश के नेताओं से काम करवा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद कांग्रेस के कब्जे वाली इसी सीट पर बीजेपी की नजर है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, राज्यसभा की तीन सीटों पर जून में चुनाव प्रस्तावित हैं। मतदान के लिए 63 विधायक ही बचेंगे दतिया सीट का रिक्त होना और विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा का वोट न डाल पाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। इससे पहले कांग्रेस के पास 65 विधायक थे। विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा चुनाव नामांकन फॉर्म में गलत जानकारी देने के कारण सदस्यता खत्म होने के दायरे में आ गए थे, लेकिन कोर्ट से राहत मिलने के चलते उनकी सदस्यता बच गई। हालांकि, कोर्ट के आदेश के अनुसार वे चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे। इसके चलते राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए अब कांग्रेस के पास 64 विधायक ही रह गए हैं। अब विधायक राजेंद्र भारती को एफडी मामले में तीन साल की सजा हो चुकी है और विधानसभा ने उनकी सदस्यता भी समाप्त कर दी है। ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट में अपील पर भारती को राहत नहीं मिलती है, तो कांग्रेस का एक और विधायक कम हो जाएगा। इस स्थिति में राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए कांग्रेस के पास केवल 63 विधायक ही बचेंगे। भारती को राहत नहीं मिली तो एक और विधायक कम अब यह संभावना भी जताई जा रही है कि यदि भारती को कोर्ट से राहत नहीं मिलती है, या राहत मिलने के बावजूद कोर्ट उन्हें चुनाव में वोट डालने से वंचित कर देता है, तो भी कांग्रेस को फायदा नहीं होगा। इस स्थिति में कांग्रेस का एक विधायक मतदान के लिहाज से कम ही रहेगा। इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है। इसके अलावा बीना से विधायक निर्मला सप्रे ने हाईकोर्ट में भले ही यह कहा है कि वह कांग्रेस की विधायक हैं, लेकिन वे 2024 से लगातार बीजेपी की बैठकों और मंचों पर नजर आती रही हैं। ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि वे कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान न करके बीजेपी के समर्थन में वोट कर सकती हैं। इस स्थिति में वोटिंग के लिहाज से कांग्रेस के कुल विधायकों की संख्या 62 तक सिमटती दिख रही है। तीन से चार विधायकों से क्रॉस वोटिंग कराने की तैयारी बीजेपी के सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। इस गणित के हिसाब से कांग्रेस के पास अभी भी 4 विधायक ज्यादा हैं। ऐसे में बीजेपी को सीट हासिल करने के लिए कांग्रेस विधायकों की संख्या 58 से कम करनी होगी। इस स्थिति को देखते हुए बीजेपी कांग्रेस के चार से पांच विधायकों से क्रॉस वोटिंग करा सकती है। इसके अलावा, इन विधायकों को सदन में अनुपस्थित रखकर भी सीट अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा सकती है। यहां खास बात यह है कि बीजेपी के प्रदेश स्तर के शीर्ष रणनीतिकारों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में बीजेपी कांग्रेस में और तोड़फोड़ कर विधायकों को अलग करने का प्रयास कर सकती है। सॉफ्ट कॉर्नर रखने वाले और कोर्ट में उलझे विधायक निशाने पर क्रॉस वोटिंग के लिए बीजेपी के निशाने पर खासतौर पर वे विधायक हैं, जो कांग्रेस के टिकट पर जीतकर आए हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं और सरकार के कामकाज के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं। इसके लिए बीजेपी ने कुछ विधायकों को चिन्हित कर लिया है। इसके साथ ही जिन विधायकों के मामले कोर्ट में लंबित हैं, उनके मामलों के जल्द निपटारे के जरिए दबाव बनाकर उनसे क्रॉस वोटिंग कराने की कोशिश की जा सकती है। इनमें मध्य भारत और चंबल क्षेत्र के विधायक शामिल बताए जा रहे हैं। यह खबर भी पढ़ें… विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया है। गुरुवार देर रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। पूरी खबर यहां पढ़ें… फर्जीवाड़े में फंसे विधायक, कोर्ट ने भेजा जेल मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली MP-MLA कोर्ट ने फर्जी एफडी मामले में दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उन्हें IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को तिहाड़ जेल भेज दिया है। हालांकि, उन्हें अपील करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर… बीना विधायक बोलीं- मैं कांग्रेस में ही हूं सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सप्रे ने कहा- मैं अब भी कांग्रेस में हूं। इस बयान को कोर्ट ने रिकॉर्ड में लिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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