मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में भोजशाला विवाद से जुड़े बहुचर्चित प्रकरणों की सुनवाई गुरुवार को स्थगित कर दी गई। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता पक्ष के सीनियर एडवोकेट के अनुरोध पर मामले को 17 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है। अब अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट एके चितले ने अपने तर्क पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। उन्होंने कोर्ट से सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए बेंच ने मामले को अगली तारीख तक टाल दिया। कई याचिकाएं और अपीलें एक साथ विचाराधीन इस मामले में पांच याचिकाएं और अपीलें एक साथ सुनी जा रही हैं। इन सभी में भोजशाला विवाद के विभिन्न पहलुओं को लेकर दलीलें प्रस्तुत की जा रही हैं। मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, विभिन्न याचिकाकर्ताओं और इंटरवीनर्स की ओर से संबंधित एडवोकेट उपस्थित रहे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता अपने तर्क पूरे कर लेते हैं, तो इसके बाद याचिकाओं (WP-10497/2022 और (WP-10484/2022) में शामिल इंटरविनर्स को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इससे सभी पक्षों को बराबरी का अवसर सुनिश्चित होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी हुई पैरवी सुनवाई के दौरान कई सीनियर एडवोकेट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े। मामले में एडवोकेट विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन और एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह सहित कई एडवोकेट उपस्थित रहे। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस आदेश की फोटोकॉपी सभी संबंधित प्रकरणों के रिकॉर्ड में संलग्न की जाए, ताकि सुनवाई की प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे।
