महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS ऑफिस से जुड़ा धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक स्वतः संज्ञान मामला पहले से लंबित है। नासिक के TCS मामले को लेकर उसी केस में नई अर्जी दाखिल की गई है। याचिका वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है। याचिका में कहा कि यह सिर्फ धर्मांतरण का मामला नहीं, बल्कि देश के खिलाफ सुनियोजित खेल है। उन्होंने कहा कि धोखे से कराया गया धर्मांतरण देश की संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता और स्वतंत्रता के लिए खतरा है। किसी संगठन के जरिए जबरन या धोखे से कराए गए धर्मांतरण को आतंकी कृत्य की कैटेगरी में रखा जाना चाहिए। याचिका में तीन बड़े आरोप लगाए… कोर्ट से दो मांग की गई… अदालत ने 2023 में इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि से सहायता मांगी थी। कोर्ट ने तब कहा था कि धर्म परिवर्तन का मुद्दा गंभीर है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। यह याचिका उसी लंबित मामले के तहत दाखिल की गई है, जिसमें देशभर में धोखाधड़ी से होने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त कदमों की मांग की गई है। कंपनी ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया कंपनी ने कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए नासिक ऑफिस के स्टाफ को घर से काम करने को कहा। सूत्रों के मुताबिक यह कदम मौजूदा हालात को देखते हुए उठाया गया है। जांच के दौरान पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था। वित्तीय लेन-देन की जांच में सहयोग नहीं कर रही पीड़ित लड़कियों ने जब आरोपियों के खिलाफ शिकायत की तो अश्विनी ने शिकायत को जानबूझकर नजरअंदाज किया। उलटा उसने पीड़ित को ही फटकार लगाई। सोमवार को तीन दिन की हिरासत समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। वह वित्तीय लेन-देन की जांच में पुलिस का बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है। इसलिए उसकी पांच दिन की हिरासत मांगी गई थी। हालांकि, अदालत ने उसे दो दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती थी। जब पीड़ित परेशान होते थे, तब HR मैनेजर उनसे संपर्क कर भरोसा जीतती थी और धीरे-धीरे उनके रहन-सहन में बदलाव के लिए दबाव बनाया जाता था। ——– ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे, शिकायत करने पर फटकारती थी मैनेजर महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। पूरी खबर पढ़ें…
