राजगढ़ जिला अस्पताल के मॉड्यूलर ओटी लोकार्पण विवाद के बाद अब जिले की राजनीति खुलकर गरमा गई है। भाजपा विधायक अमरसिंह यादव ने गुरुवार को प्रशासन के खिलाफ सख्त तेवर अपनाते हुए साफ ऐलान कर दिया है कि जब तक संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे किसी भी शासकीय कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। विधायक के इस रुख से प्रशासनिक और सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। विधायक यादव ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल और जिला खेल अधिकारी शर्मीला डाबर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दोनों अधिकारियों को तत्काल हटाने और उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई है। यादव का कहना है कि जिले में लगातार भ्रष्टाचार हो रहा है और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है। बोले- ‘लिखित शिकायत कर चुका, कार्रवाई जरूरी’
विधायक अमरसिंह यादव ने कहा, “जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिस प्रकार का एक जनप्रतिनिधि का अपमान किया गया है और खेल अधिकारी द्वारा बिना सूचना दिए कार्यक्रम कराए गए, यह पूरी तरह गलत है। मैंने इसकी सूचना और लिखित शिकायत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को दे दी है। जब तक ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को हटाया नहीं जाएगा और उन्हें निलंबित नहीं किया जाएगा, तब तक मैं किसी भी शासकीय कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा। मैं ऐसे जनप्रतिनिधियों का अपमान करने वालों की घोर निंदा करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “अस्पताल सेवा का स्थान होता है, लेकिन वहां कुछ लोगों ने इसे अड्डा बना रखा है। गलत तरीके से खरीदी हो रही है, फर्जी बिल लगाए जा रहे हैं, जिला अस्पताल में गलत तरीके से कैंटीन दे दिया गया। ऐसे कई मामले हैं, जिनकी मैं पूरी जांच करवाऊंगा। हम समाज सेवा के लिए राजनीति में हैं, लेकिन जब हमारा ही अपमान होगा तो इसे सहन नहीं करेंगे। तत्काल प्रभाव से इन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें राजगढ़ जिले से हटाया जाना चाहिए।” ओटी लोकार्पण से शुरू हुआ विवाद
गौरतलब है कि हाल ही में जिला अस्पताल में तैयार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का लोकार्पण तीन दिन पहले 12 अप्रैल को राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने किया था। आरोप है इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अमर सिंह यादव, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू और भाजपा पदाधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ गई। इस घटनाक्रम के बाद विधायक समर्थकों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। मामला अब प्रशासनिक कार्यशैली, जवाबदेही और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों तक पहुंच चुका है।
