इंदौर में सिटी बस पास का दाम 400 रुपए बढ़ने से छात्र नाराज है। इसके विराध में छात्र नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। सिटी बस पास का दाम करने के लिए उन्होंने ज्ञापन भी दिया। छात्रों के हाथों में तख्तियां थी, जिस पर लिखा था छात्रों को ATM मशीन समझना बंद करो…, छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ एकजुट हो…। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि जो छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए यहां आए हैं, वे एक टाइम भूखा रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रशासन ने एक बार भी नहीं सोचा कि सिटी बस के पास का दाम बढ़ाने से इन छात्रों का क्या होगा। मूसाखेड़ी से जीडीसी कॉलेज छात्राएं जाती है, दोनों तरफ का किराए 50 रुपए रोज का लगता है, क्या ये छात्राएं इतना किराया रोज का दे सकती है। नगर निगम इतना टैक्स ले रहा है, उसमें क्या छात्रों का बस पास माफ नहीं किया जा सकता है। जयस छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष पवन अहिरवार ने बताया कि महापौर बस पास योजना को खत्म कर दिया है। स्टूडेंटस पास जो 200 रुपए का था, उसे 600 रुपए कर दिया गया है। निगम अधिकारियों के लिए महापौर के लिए ये 600 रुपए आम राशि होगी, लेकिन इंदौर में जो गरीब व मध्यमवर्ग का छात्र यहां रहकर पढ़ाई कर रहा है। 600 रुपए किसी छात्र के माता-पिता की तीन दिन की दिहाड़ी-मजदूरी हो सकती है। इसलिए जो पास में वृद्धि की है, उसे कम करने की मांग लेकर नगर निगम आए। चौराहे की समस्या बताई, सफाई की मांग की इसके साथ ही उन्होंने भंवरकुआं स्थित टंट्या भील चौराहे पर गंदगी फैली हुई है। यहां पानी, सफाई की व्यवस्था है। नगर निगम से मांग की है कि यहां साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए। तमाम छात्र संगठन द्वारा ज्ञापन दिया है, अगर कार्रवाई नहीं की जाती है तो 15 दिन बाद सभी छात्र संगठन द्वारा नगर निगम का घेराव करेंगे। फिर भी मांग नहीं मानी तो भोपाल कूच करेंगे। निगम कमिश्नर-महापौर तक पहुंचाएंगे छात्रों का ज्ञापन वीरेंद्र उपाध्याय, प्रभारी कंट्रोल रूम ने बताया कि छात्रों का कहना था कि सिटी बसों के जो पास बनते है उसमें 400 रुपए की वृद्धि की गई है। इस संबंध में छात्रों ने ज्ञापन दिया है। ये ज्ञापन नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल और महापौर पुष्यमित्र भार्गव तक पहुंचा दिया जाएगा। वहीं चौराहे को लेकर जो शिकायत की है, उसका निराकरण करा दिया जाएगा।
