मध्य प्रदेश में इस बार सामान्य से कम बारिश होने के संकेत है। भारतीय मौसम विभाग (IMD), नई दिल्ली ने यह अनुमान जताया है। इसके मुताबिक, प्रदेश के अधिकांश जिलों में 90 से 95% तक पानी गिरेगा। ओवरऑल एवरेज 30 से 32 इंच बारिश हो सकती है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.3 इंच है। मौसम विभाग की माने तो इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में सामान्य से कम या सामान्य बारिश होने का अनुमान है, जबकि भोपाल संभाग के भोपाल, विदिशा, सीहोर में सामान्य या इससे ज्यादा पानी गिरेगा। मौसम विभाग की पिछले साल की ‘भविष्यवाणी’ सटिक निकली थी। अब देखना है कि इस बार का अनुमान कैसा रहता है? बता दें कि साल 2023 में प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई थी, लेकिन पिछले दो साल यानी, 2024 और 2025 में कोटे से ज्यादा पानी बरस गया। पिछले साल तो कुल 121 प्रतिशत बारिश हुई थी। यह अनुमान से 15% ज्यादा थी। भोपाल समेत 30 जिलों में ‘बहुत ज्यादा’ पानी गिरा था, लेकिन इस साल ऐसी तस्वीर देखने को नहीं मिलेगी। सोमवार को भारतीय मौसम विभाग ने मानसून अपडेट जारी किया। इसमें मध्य प्रदेश की तस्वीर भी साफ की गई। हालांकि, मई के आखिरी में मौसम विभाग एक और अपडेट देगा। इसके बाद मानसून की ताजा तस्वीर साफ हो जाएगी। कम बारिश से घटेगा उत्पादन पिछले दो साल से अच्छी बारिश होने से फसलों को काफी फायदा पहुंचा। नतीजा ये रहा है कि सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल तक बढ़ गया था। वहीं, गेहूं-चने के लिए भी अच्छा पानी मिला था। इससे उत्पादन बढ़ गया। इस साल यदि कम बारिश होती है तो पेयजल के साथ सिंचाई के लिए भी दिक्कतें खड़ी हो सकती है। 2017 में हुई भी सबसे कम बारिश, 2019 में जमकर बरसा
पिछले 10 साल के बारिश के आंकड़े पर नजर डालें तो साल 2017 में सबसे कम बारिश हुई थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.3 इंच है। इसके मुकाबले औसत 29.9 इंच बारिश हुई थी। साल 2018 में 34.3 इंच बारिश दर्ज की गई थी। सबसे ज्यादा पानी वर्ष 2019 में 53 इंच हुई थी। वहीं, 2021 और 2023 में सामान्य से थोड़ी ही कम बारिश हुई थी। 2024 में 44.1 इंच पानी गिरा तो 2025 में आंकड़ा 45.2 इंच तक पहुंच गया। इस तरह कह कहते हैं कि पिछले 7 साल से प्रदेश में अच्छी बरसात हो रही है। अब इस साल मानसून से भी यही उम्मीदें हैं। अब ग्राफिक्स से जानिए, 2025 में हुई बारिश की तस्वीर 121% बारिश… अनुमान से 15% ज्यादा हुई थी, भोपाल समेत 30 जिलों में ‘बहुत ज्यादा’ गिरा पानी पिछले साल प्रदेश में मानसून जमकर बरसा था। कुल 3 महीने 28 दिन मानसून बरसा और 10 साल में तीसरी बार सबसे ज्यादा पानी गिरा। वहीं, भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां ‘बहुत ज्यादा’ बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में औसत के मुकाबले 216.3% बारिश हुई। शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। 50 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मानसून को लेकर मौसम विभाग ने अपना आंकलन भी जारी किया था। जिसमें पूरे मानसूनी सीजन में प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था। इस अनुमान से 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में दोगुनी बारिश हो गई। ऐसे समझें, कम-ज्यादा बारिश का गणित…
