जबलपुर जिले में भले ही बारिश सामान्य से कम हुई हो, लेकिन पड़ोसी जिले मंडला और डिंडौरी में लगातार हो रही बारिश से बरगी बांध लबालब भर गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद वर्ष 2026 में पहली बार मंगलवार 18 अगस्त को बांध के 21 में से 9 गेट खोले गए। बांध प्रबंधन ने नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। बांध प्रबंधन के अनुसार 17 अगस्त की रात 8 बजे बरगी बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया। इसके बाद 18 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे से 9 गेट खोलने का निर्णय लिया गया। फिलहाल बांध की जल उपयोगी क्षमता 2674 एमसीएम यानी 84.08 प्रतिशत है। 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा वर्तमान में बांध में पानी की आवक 1620 क्यूमेक है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और जलभराव क्षेत्र में हो रही बारिश को देखते हुए जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 9 गेट एक-एक कर खोले गए। इन गेटों को औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर जलस्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ सकता है। प्रबंधन ने बताया कि बांध में पानी की आवक के अनुसार पानी की निकासी कभी भी घटाई या बढ़ाई जा सकती है। घाटों और तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की अपील बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद प्रशासन और बांध प्रबंधन ने लोगों से नर्मदा नदी के घाटों एवं तटीय क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। खासकर नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पिछले साल 6 जुलाई को खोले गए थे गेट वर्ष 2025 में बरगी बांध के गेट इस साल की तुलना में 23 दिन पहले, 6 जुलाई को खोले गए थे। तब भी 21 में से 9 स्पिल-वे गेट दोपहर 12 बजे खोले गए थे। गेट औसतन 1.33 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए थे और करीब 52,195 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
