नालछा नगर के प्रसिद्ध सूरजकुंड हनुमान मंदिर में सोमवार रात फाग उत्सव का शानदार समापन हुआ। राधा-कृष्ण फाग मंडली के महीने भर से चल रहे इस आयोजन के आखिरी दिन ब्रज जैसी होली का नजारा देखने को मिला, जहां 51 किलो फूलों और हर्बल गुलाल से जमकर होली खेली गई। होली का डांडा गड़ने से शुरू हुआ यह उत्सव 23 मार्च तक चला। मंडली के कलाकारों ने हर रात नगर के अलग-अलग हनुमान मंदिरों में फाग गीतों की परंपरा निभाई। समापन के मौके पर कलाकारों ने ढोलक, ढपली और झांझ-मंजीरों की थाप पर “होली खेले रे रघुवीरा” और “मोरी पिचकारी है बड़ा मजेदार” जैसे गीतों से समां बांध दिया। नगर के लोगों ने कलाकारों का शाल-श्रीफल से सम्मान भी किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्ति का रंग इस महोत्सव में केवल नालछा ही नहीं, बल्कि मांडू, बगड़ी और लुन्हेरा जैसे आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में चंग की थाप पर राधा-कृष्ण की लीलाओं और नृत्य का आनंद लिया गया। अंत में भगवान के चरणों में गुलाल अर्पित कर पूरे नगर की गलियों में अबीर उड़ाते हुए इस पारंपरिक उत्सव को विदाई दी गई।
