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इंदौर अग्निकांड में कांग्रेस की जांच की मांग:बिजली कंपनी-फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर सवाल, अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या की मांग

इंदौर में हुए भीषड़ अग्निकांड को लेकर अब कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में अब बिजली कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर से हाईकमेटी गठित कर जांच की मांग की है। दरअसल, बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि घर में आग लगने की शुरुआत ईवी कार के चार्जिंग में शॉर्ट सर्किट से हुई है। वहीं परिवार का दावा है कि उन्होंने उस रात कार को चार्जिंग पर ही नहीं लगाया था। ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि बिजली कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए ईवी कार पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के पीछे बिजली व्यवस्था की खामियां एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रही हैं। क्षेत्र में बिजली के खंभों पर बेतरतीब तरीके से फैले इलेक्ट्रिक केबल के जाल, लगातार वोल्टेज फ्लक्चुएशन और अत्यधिक वोल्टेज के कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति सीधे-सीधे बिजली विभाग की लापरवाही को दर्शाती है। हमने प्रदेश सरकार और इंदौर कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं कलेक्टर को तत्काल ही इस मामले में कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनियों के अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करना चाहिए। कांग्रेस ने फायर ब्रिगेड पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने बिजली कंपनी के साथ ही फायर ब्रिगेड की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि घटना के दौरान फायर ब्रिगेड का समय पर न पहुंचना और मौके पर पहुंचने के बाद गाड़ी का खराब हो जाना अत्यंत चिंताजनक है। ऐसे संवेदनशील मामलों में इस तरह की लापरवाही न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय रहवासियों में बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू होता तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। यह है बिजली कंपनी का दावा
इंदौर में हुए ईवी हादसे को लेकर बिजली कंपनी ने दावा किया है कि आग की शुरुआत घर में लगे ईवी चार्जिंग पॉइंट से हुई थी। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि जांच में सामने आया है कि ओवरचार्जिंग के कारण इलेक्ट्रिक कार की बैटरी बम की तरह फट गई। घटना के समय कार चार्जिंग पर लगी हुई थी, जिसकी पुष्टि स्मार्ट मीटर के डिजिटल डेटा से हुई है। कंपनी ने पिछले तीन महीनों का मिनट-टू-मिनट डेटा निकालकर यह रिपोर्ट तैयार की है। कंपनी का दावा है कि अधिकारियों के मुताबिक, कार रोज रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चार्जिंग पर रहती थी। हादसे वाली रात भी यही क्रम रहा। बताया गया कि तड़के चार्जिंग के दौरान कार में पावर ऑटो कट-ऑफ हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद फिर से चार्जिंग शुरू हो गई। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हो गया। परिवार के 8 लोगों की गई जान
दरअसल, इंदौर में बुधवार तड़के इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हुए थे।

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