जल जीवन मिशन में खर्च हुई राशि को देने के केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है। मप्र ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बताया कि वर्ष 2024-25 का 4500 करोड़ और 2025-26 का 5000 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। मप्र ने खुद 9000 करोड़ लगाकर योजना को चालू रखा है। योजना को पूरा करने का वक्त 2028 तय है, लेकिन 2026 में अभी तक मप्र ने 99% काम पूरा कर लिया। पाटिल ने इसकी बधाई दी और राशि देने पर सहमति दे दी। मार्च 2026 से पहले मप्र को जल जीवन मिशन के 4000 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। सीआर पाटिल से मिलने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इसमें सीएम ने कहा कि मप्र की औसत ग्रोथ 10% है। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ होगा। लिहाजा इसी आधार पर मप्र को बाजार से कर्ज लेने की सीमा तय की जाए। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी इस दौरान सीएम के साथ थे। वित्त का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सहमति दे दी है। इससे मप्र को कई प्रकार से लाभ मिलेगा। सीएम गुरुवार को 5 मुद्दों को लेकर दिल्ली गए थे। इसमें सिंहस्थ के लिए राशि की मांग करना भी शामिल रहा। निकायों का पैसा मांगा
