उपनगर ग्वालियर के सबसे व्यस्तम क्षेत्र हजीरा में फ्लाई ओवर के निर्माण को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण से स्वीकृति मिल गई है। ये फ्लाई ओवर हजीरा पुल से मनोरंजनालय मैदान तक बनाया जाएगा। मोहम्मद गौस मकबरे के व्यू को लेकर इस फ्लाई ओवर में आपत्तियां आ रहीं थी। लेकिन इसके प्लान में संशोधन किया गया और फ्लाई ओवर की ऊंचाई 10 की जगह 8 मीटर कर दी गई है। इतनी ऊंचाई पर फ्लाई ओवर बनाए जाने पर सहमत होकर संस्मारक प्राधिकरण ने अनुमति दे दी है। साथ ही एएसआई मप्र के क्षेत्रीय निदेशक को पत्र भेजा है कि उक्त निर्माण कार्य एएसआई भोपाल सर्किल के पुरातत्वविद अधीक्षण की निगरानी में कराया जाए। जिससे विरासत को कोई अड़चन नहीं आए। फ्लाईओवर के चलते हटेंगे 70 से ज्यादा निर्माण बदलाव… ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी लेकिन उजड़ सकता है व्यापार ट्रैफिक: किलागेट से हजीरा होते हुए गोले का मंदिर और चार शहर का नाका रूट पर रोज 80 से 85 हजार बड़े-छोटे वाहनों का ट्रैफिक लोड रहता है। यहां किलागेट से हजीरा चौराहे तक दुकानों एवं हॉकर्स के अतिक्रमण से सड़क संकरी हो गई है। इस कारण यहां ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या है। ये फ्लाई ओवर बनने से मौजूदा सड़क का 70% ट्रैफिक लोड इस पर शिफ्ट होने की उम्मीद अधिकारियों को है। इससे लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सकेगी। दुकान/मकान: इस पूरे रूट पर सड़क के दोनों तरफ दुकानें और मकान हैं। ये उपनगर ग्वालियर का मुख्य बाजार है। अधिकारियों के अनुमान है कि यहां 70 से 75 दुकान व मकान के निर्माण हटाने पड़ेंगे। अतिक्रमण की वजह से फ्लाई ओवर का निर्माण मौजूदा परिस्थिति में होना मुमकिन नहीं। दुकानें हटाने से बड़ा प्रभाव व्यापारियों पर पड़ेगा। क्योंकि, वर्षों से उनके कारोबार की जगह खत्म होने की संभावना है।
अतिक्रमण में दबी सड़क, काम करने में परेशानी कुछ महीने पहले चौड़ीकरण के लिए किलागेट से हजीरा तक की सड़क की नापतौल हुई थी। रिकॉर्ड में ये सड़क 30-30 मीटर चौड़ी दर्ज है, लेकिन मौके पर अतिक्रमणों में दबकर इसकी चौड़ाई सिर्फ 12-14 मीटर ही रह गई है। अब फ्लाई ओवर का निर्माण होगा तो मौजूदा सड़क के करीब 3 मीटर हिस्से (चौड़ाई) पर हर पिलर तैयार होगा। इसके अलावा ऊंचाई पर भी कई निर्माण कार्यों को तोड़ना पड़ेगा। निर्माण कार्य करने के लिए सड़क पर अभी जगह भी कम है। जिसके लिए भी निर्माण हटाने होंगे। एनओसी मिली, काम जल्द
हजीरा पुल से मनोरंजनालय मैदान तक फ्लाई ओवर बनाने के लिए संस्मारक प्राधिकरण से अनुमति मिल गई है। जल्द ही निर्माण को लेकर बाकी प्रक्रियाएं पूरी कर काम शुरू किया जाएगा। – जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री/ सेतु संभाग पीडब्ल्यूडी
