Homeमध्यप्रदेशतन्खा ने राज्यसभा में उठाया जहरीले कफ सिरप का मामला:सबसे ज्यादा मिलावट...

तन्खा ने राज्यसभा में उठाया जहरीले कफ सिरप का मामला:सबसे ज्यादा मिलावट के मामले यूपी में पकडे़, 3 साल में एमपी में 35 लायसेंस हुए रद्द

एमपी के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप के सेवन से 35 से ज्यादा मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत का मामला फिर राज्यसभा में उठा। इस हृदयविदारक कांड और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक के. तन्खा ने संसद में केंद्र सरकार को घेरा। तन्खा के सवालों के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कफ सिरप विवाद और देश भर में खाद्य एवं औषधि सुरक्षा की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। विवेक तन्खा के सवाल और सरकार का जवाब सांसद विवेक तन्खा ने पूछा था कि क्या हालिया कफ सिरप विवाद गंभीर नियामक खामियों को उजागर करता है और सरकार मिलावट रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है । जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि छिंदवाड़ा जैसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए देश भर में 1100 से अधिक कफ सिरप निर्माताओं की गहन जांच की गई है । दवा विनिर्माताओं पर नकेल दिसंबर 2022 से अब तक 960 औषधि परिसरों का जोखिम-आधारित निरीक्षण किया गया, जिसमें कमियां पाए जाने पर 860 से अधिक दंडात्मक कार्रवाइयां की गईं, जिनमें लाइसेंस रद्द करना और उत्पादन रोकना शामिल है । उत्तर प्रदेश: देश में सर्वाधिक मामले और जुर्माना खाद्य सुरक्षा एवं मानक (FSS) अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में उत्तर प्रदेश ने देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक मामले दर्ज किए हैं। वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 30,380 खाद्य नमूनों का विश्लेषण किया गया । जुर्माना: इसी अवधि में राज्य में 14,920 सिविल मामलों में शास्ति (पेनल्टी) लगाई गई, जो देश में सबसे ज्यादा है । आपराधिक कार्रवाई: पिछले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश में कुल 629 आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि (सजा) हुई है । मध्य प्रदेश: तीन वर्षों का लेखा-जोखा तीन साल में 139 केसों में सुनाई सजा मध्य प्रदेश में भी मिलावटखोरों के विरुद्ध अभियान तेज रहा है। पिछले तीन सालों में एमपी में 40 हजार से ज्यादा फूड आयटम्स की जांच की गई। वर्ष 2022 से 2025 के बीच मध्य प्रदेश में कुल 40,425 खाद्य नमूनों की जांच की गई । इन तीन वर्षों में कुल 6,443 सिविल मामलों में जुर्माना लगाया गया और 139 आपराधिक मामलों में सजा सुनाई गई । लाइसेंस रद्दीकरण: मानकों का पालन न करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों पर कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश में पिछले तीन सालों में कुल 35 लाइसेंस रद्द किए गए हैं । दवाओं पर की गई प्रमुख कार्रवाई खाद्य पदार्थों के अलावा, औषधि सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं। दिसंबर 2022 से 960 से अधिक परिसरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 860 से अधिक कार्रवाई (कारण बताओ नोटिस, उत्पादन रोकना, लाइसेंस रद्द करना आदि) की गई हैं । राज्य अधिकारियों के साथ मिलकर 1100 से अधिक कफ सिरप निर्माताओं की बारीकी से जांच की गई है ।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here