नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी) की पूर्व संयुक्त संचालक सुनीता सिंह के खिलाफ लोकायुक्त संगठन ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुनीता सिंह ने अपने पूरे सेवाकाल में अपनी वैध आय की तुलना में करीब 250 प्रतिशत अधिक चल-अचल संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि इनमें से कई संपत्तियां उनके परिजनों के नाम पर भी खरीदी गईं। लोकायुक्त संगठन ने 3 नवंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में अपराध दर्ज किया है। शिकायत में सुनीता सिंह पर सेवाकाल के दौरान आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त को प्रथम दृष्टया अनुपातहीन संपत्ति अर्जित किए जाने के तथ्य मिले हैं। भोपाल में कई संपत्तियां अर्जित करने का आरोप लोकायुक्त की जांच के अनुसार, सुनीता सिंह ने अपनी पदस्थापना अवधि में स्वयं के साथ परिजनों के नाम पर भी संपत्तियां अर्जित कीं। इनमें भोपाल शहर में कई मकान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्म हाउस और पेट्रोल पंप शामिल बताए गए हैं। अब लोकायुक्त इन संपत्तियों के अर्जन के स्रोत, उनकी वास्तविक कीमत और खरीद में इस्तेमाल की गई राशि की पड़ताल करेगा। संपत्तियों के साथ अन्य पहलुओं की भी होगी जांच लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। अपराध दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में सुनीता सिंह के सेवाकाल के दौरान अर्जित सभी चल-अचल संपत्तियों के साथ उनसे जुड़े अन्य तथ्यों का भी बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा।
