शाजापुर की विशेष अदालत ने 20 किलो गांजा मिलने और पुलिसकर्मियों व गवाहों पर चाकू से हमला करने के मामले में दो आरोपियों को जेल की सजा सुनाई है। नरेन्द्रसिंह को 9 साल और युवराज को 7 साल की सजा मिली है। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 28 जनवरी 2020 का है, जब पुलिस ने शुजालपुर थाना क्षेत्र के पटलावदा फाटे पर आरोपियों को पकड़ा था। बैरसिया रोड से गांजा लेकर आ रहे थे आरोपी मध्यप्रदेश शासन की ओर से पैरवी करने वाले लोक अभियोजक और शासकीय अभिभाषक महेंद्र सिंह परमार ने बताया कि 28 जनवरी 2020 को क्राइम ब्रांच विदिशा के निरीक्षक बीडी वीरा को मुखबिर से सूचना मिली थी। बताया गया था कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपी बैरसिया रोड से खामखेड़ा के रास्ते विदिशा की ओर गांजा लेकर आ रहे हैं। निरीक्षक बीडी वीरा ने पुलिस टीम के साथ उन्हें पकड़ने की कोशिश की। आरोपी मोटरसाइकिलों से भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर शुजालपुर थाना क्षेत्र के पटलावदा फाटे पर उन्हें पकड़ लिया। मोटरसाइकिलों पर नरेन्द्र उर्फ नवलसिंह, उसके पिता धारासिंह और युवराज सवार थे। पुलिस ने उनके पास से 20 किलो गांजा जब्त किया। चाकू से हमला कर भागे थे आरोपी तलाशी के दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों और पंच गवाहों पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से भाग गए। हमले में पुलिसकर्मियों और गवाहों को चोटें आईं। घायलों को शुजालपुर के जस अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुजालपुर सिटी पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। सुनवाई के दौरान धारासिंह की मौत हो गई। एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य धाराओं में सजा कोर्ट ने नरेन्द्रसिंह और युवराज को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 333/34 के तहत दोषी पाया। नरेन्द्रसिंह को 9 साल और युवराज को 7 साल की जेल की सजा सुनाई गई। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया। मामले में आरोपियों का पीछा करने और गांजा जब्त करने की कार्रवाई निरीक्षक बीडी वीरा ने की थी।
