उज्जैन जिले के महिदपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में कोर्ट ने गुरुवार शाम 19 वर्षीय दोषी भावेश योगी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी की मौजूदा उम्र से सजा की अवधि एक साल ज्यादा है। कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) एवं तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश सनोडिया ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) के तहत 20 साल, धारा 332(बी) के तहत 5 साल और धारा 351(3) के तहत 2 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत भी 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई। कोचिंग में हुई थी पहचान, घर में अकेली पाकर किया दुष्कर्म अभियोजन के अनुसार, पीड़िता कक्षा 9वीं में पढ़ाई के दौरान आरोपी के साथ कोचिंग जाती थी। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई थी। दिसंबर 2023 में पीड़िता घर पर अकेली थी। आरोपी कोचिंग की बात करने के बहाने उसके घर पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। अभियोजन के मुताबिक, आरोपी इसके बाद भी धमकाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म करता रहा। अप्रैल 2025 में उसने पीड़िता को अपनी चचेरी बहन के घर बुलाया और वहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया। फोटो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी आरोपी की धमकियों से परेशान होकर पीड़िता इंदौर में अपने माता-पिता के पास चली गई। इसके बाद भी आरोपी ने फोन कर उस पर महिदपुर लौटने का दबाव बनाया। उसने पीड़िता की फोटो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने की धमकी भी दी। लगातार धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। 23 जून 2025 को दर्ज हुआ था केस पीड़िता की शिकायत पर 23 जून 2025 को महिदपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद अभियोग पत्र कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने भावेश योगी को दोषी पाते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गोयल ने पैरवी की।
