राजगढ़ जिले के खिलचीपुर इलाके में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो सगे भाइयों में एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की बाइक खरीदने वाले रामचरण दांगी को भी पुलिस ने पकड़ा है। गुरुवार को पुलिस ने चोरियों का खुलासा किया। आरोपी कभी शराब दुकान के पीछे से घुसकर तो कभी कियोस्क सेंटर की छत की चद्दर हटाकर चोरी करते थे। सीसीटीवी फुटेज और टी-शर्ट पर लिखे नंबर के आधार पर पुलिस ने छोटे भाई बनवारी तंवर को पकड़ा, जबकि उसका बड़ा भाई प्रेमसिंह तंवर फरार है। सो रहे कर्मचारियों के बीच से उड़ाई नकदी 17 अक्टूबर को सोमवारिया बायपास स्थित शराब दुकान में चोरी की घटना हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में बनवारी तंवर दुकान के पीछे से रेंगते हुए अंदर घुसता दिखा, जबकि उसका बड़ा भाई प्रेमसिंह बाहर खड़े होकर रखवाली कर रहा था। दुकान के अंदर दो कर्मचारी सो रहे थे, फिर भी आरोपी गल्ले से नकदी समेटकर बाइक से रफूचक्कर हो गए। छत की चद्दर हटाकर कियोस्क में घुसे दूसरी वारदात सोमवारिया के एक कियोस्क सेंटर में हुई, जहां प्रेमसिंह तंवर छत की चद्दर हटाकर अंदर उतरा और नकदी पार कर दी। इस दौरान छोटा भाई बनवारी बाहर निगरानी कर रहा था। पुलिस ने दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपियों के पहनावे को जांच का जरिया बनाया। टी-शर्ट पर लिखे 22 नंबर से पकड़ाया खिलचीपुर पुलिस के मुताबिक, फुटेज में बनवारी की काली टी-शर्ट के पीछे ’22’ नंबर लिखा नजर आया था। इसी सुराग और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बनवारी को धर दबोचा। जांच में सामने आया कि दोनों भाइयों ने पिछले 15 दिनों में शराब दुकान, कियोस्क सेंटर, बाइक, दो मोबाइल और एलईडी टीवी चोरी की कुल पांच वारदातों को अंजाम दिया है। स्मैक के नशे के लिए करते थे चोरी थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बनवारी और उसका फरार भाई स्मैक के नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए ही चोरी करते थे। मांडाखेड़ी जोड़ से चुराई गई बाइक खरीदने वाले रामचरण दांगी के पास से बाइक मिल गई है। पुलिस अब फरार बड़े भाई की तलाश और बाकी सामान की तलाश में जुटी है।
