उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 विधान परिषद यानी MLC सीटों के आज नतीजे आएंगे। सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती जारी है। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हुआ था। बिहार में 8 सीटों पर 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 11 सीटों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला है। उत्तर प्रदेश में कुल 55.24% मतदान हुआ था। बिहार में चार स्नातक सीटों पर 43.87% और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55% वोट पड़े थे। 4 राज्यों में स्नातक और शिक्षक सीटें उत्तर प्रदेश: 11 सीटों में 5 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की हैं। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं, 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं। बिहार: 8 सीटों में 4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी हैं। चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण हैं। महाराष्ट्र: 5 सीटों में 3 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र औरंगाबाद/छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और नागपुर हैं। दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र अमरावती और पुणे हैं। कर्नाटक: 4 सीटों में दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र दक्षिण-पूर्व और पश्चिम हैं। दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र उत्तर-पूर्व और बेंगलुरु हैं। विधान परिषद क्या है? विधान परिषद राज्य के विधानमंडल का ऊपरी सदन है। इसे संसद की राज्यसभा की तरह समझ सकते हैं। जिन राज्यों में विधान परिषद है, वहां विधानसभा के साथ यह दूसरा सदन भी होता है। इसका उद्देश्य विधानसभा में पास होने वाले विधेयकों पर दोबारा विचार करना और शिक्षा, शिक्षण व अन्य क्षेत्रों के अनुभवी लोगों को सदन में प्रतिनिधित्व देना है। विधान परिषद की शक्तियां विधानसभा से कम होती हैं। इसमें धन विधेयक पेश नहीं किया जा सकता। यह एक स्थायी सदन है, यानी इसे विधानसभा की तरह भंग नहीं किया जाता। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल होता है। हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनकी जगह नए सदस्य चुने जाते हैं। इसी वजह से विधान परिषद की कुछ सीटों पर समय-समय पर चुनाव होते रहते हैं। फिलहाल देश के 6 राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना—में विधान परिषद है। बाकी राज्यों में केवल विधानसभा है। कैसे होता है MLC का चुनाव? स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर वही लोग वोट डाल सकते हैं, जिनका नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज है और जो कम से कम तीन साल पहले ग्रेजुएट हो चुके हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वोट डालने के लिए माध्यमिक स्तर या उससे ऊपर के स्कूल में कम से कम तीन साल पढ़ाने का अनुभव जरूरी है। मतदाता बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नाम के सामने 1, 2, 3 लिखकर अपनी पसंद का क्रम बताते हैं।
