ग्वालियर में एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री तक बनी सड़क की घटिया गुणवत्ता को लेकर हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में सख्त रुख देखने को मिला है। कोर्ट की सुनवाई के दौरान PWD (लोक निर्माण विभाग) की बड़ी लापरवाही और गोलमाल उजागर हुआ है। सड़क निर्माण से जुड़ी असली सरकारी फाइलें विभाग के दफ्तर से नदारद मिलीं, जिन्हें प्रभारी सब इंजीनियर अपने घर में छिपाकर रखे हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने PWD के चीफ इंजीनियर और सब इंजीनियर दोनों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के संबंध में शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी कर 2 दिन में जवाब मांगा है। पुलिस पर मढ़ा दोष, रिपोर्ट ने खोली पोल हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील और PWD अधिकारियों ने दलील दी कि सड़क बनने के बाद 10 दिन तक यातायात बंद रहना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने 2-3 दिन में ही गाड़ियां चालू कर दीं, जिससे सड़क खराब हो गई। कोर्ट ने PWD की ही अपनी रिसर्च लैब (थाटीपुर) की जांच रिपोर्ट सामने रखी, तो चीफ इंजीनियर वी.के. अरख को मानना पड़ा कि सड़क निर्माण की सामग्री तय मापदंडों के मुताबिक नहीं थी। यानी सड़क का निर्माण ही घटिया स्तर का किया गया था। सैंपल कहां से लिए? SDO के पास नहीं था कोई जवाब जब PWD के SDO बाल कृष्ण त्रिपाठी से पूछा गया कि बिल पास करने से पहले जो सैंपल थाटीपुर लैब भेजे गए थे, वे सड़क के किस हिस्से से लिए गए थे, तो वे कोई सटीक लोकेशन नहीं बता सके। लैब रिपोर्ट में भी सैंपल लेने की जगह का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। आधे घंटे में कोर्ट मंगवाई फाइल चीफ इंजीनियर ने कोर्ट को बताया कि मूल रिकॉर्ड पास में ही स्थित पड़ाव संभाग कार्यालय में है। कोर्ट ने तुरंत रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया। आधे घंटे बाद जब अधिकारी लौटे, तो उन्होंने केवल 3 मेजरमेंट बुक (MB) जमा कीं और बताया कि एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री सड़क निर्माण की मूल फाइल प्रभारी सब इंजीनियर दीपक गुप्ता के घर पर रखी है, जो आज छुट्टी पर हैं! इस पर हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट में मामला लंबित होने और जांच रिपोर्ट खिलाफ आने के बाद दफ्तर से सरकारी फाइल घर ले जाना साफ इशारा करता है कि अधिकारी कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हैं और ऊपर से नीचे तक सब मिले हुए हैं। कोर्ट में ही सील हुई फाइलें, 2 दिन में मांगा जवाब सुनवाई के दौरान ही PWD अधिकारियों ने सब इंजीनियर के घर से आनन-फानन में फाइल मंगवाकर कोर्ट में पेश की। हाई कोर्ट ने मेजरमेंट बुक्स और मूल फाइल को कोर्ट रूम में ही लिफाफे में बंद करवाकर सील करवा दिया और सरकारी वकील की सेफ कस्टडी में दे दिया। ये खबर भी पढ़ें… 100 आए, 10 खर्च हुए तो नाप दिए जाओगे…’ ग्वालियर की बदहाल और गड्ढों में तब्दील सड़कों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को सड़कों की खराब स्थिति से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए डबल बेंच ने सरकारी सिस्टम, अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई।पूरी खबर पढ़ें
