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AIIMS में बन रहा MP का पहला हाईब्रिड ओटी:कार्डियक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बाइप्लेन कैथ लैब समेत 6 आधुनिक मशीनें लगेंगी

हार्ट के मरीजों को जटिल जांच और इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए एम्स भोपाल में कार्डियक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी है। क्रिटिकल केयर यूनिट की पांचवीं मंजिल पर बनने वाले इस सेंटर में प्रदेश का पहला हाइब्रिड हार्ट ऑपरेशन थिएटर और नई बाइप्लेन कैथ लैब स्थापित करने की योजना है। छह आधुनिक मशीनों के साथ 30 से 35 अतिरिक्त बेड भी उपलब्ध होंगे। प्रस्ताव बजट मंजूरी के लिए स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी को भेज दिया गया है। एम्स की कार्डियोलॉजी ओपीडी में रोजाना करीब 350 तक मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों के बढ़ते दबाव के कारण इको और कैथ लैब से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं के लिए ढाई से तीन महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, हार्ट और फेफड़ों की क्षमता जांचने वाले सीपीईटी टेस्ट की वेटिंग चार महीने तक है। नए सेंटर से जांच और इलाज की क्षमता बढ़ेगी। इससे मरीजों को लंबी वेटिंग से राहत मिलने की उम्मीद है। ये छह आधुनिक मशीनें लगेंगी अभी जांच के लिए चार महीने तक इंतजार, अब 35 बेड बढ़ेंगे पांच हार्ट ट्रांसप्लांट कर चुका एम्स, अब विस्तार एम्स भोपाल अब तक पांच हार्ट ट्रांसप्लांट कर चुका है। इसके अलावा संस्थान में 18 से अधिक हार्ट संबंधी अन्य प्रक्रियाएं भी की गई हैं। प्रस्तावित सेंटर में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर और हार्ट ट्रांसप्लांट से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा। हालांकि, सेंटर का निर्माण बजट स्वीकृति के बाद ही आगे बढ़ सकेगा। हार्ट अटैक के मरीजों के लिए तीसरी कैथ लैब एम्स में अभी दो कैथ लैब हैं। लेकिन इमरजेंसी में पहुंचे हार्ट अटैक के मरीजों को इंतजार करना पड़ सकता है। नई कैथ लैब से अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। इससे गंभीर मरीजों का इलाज समय पर शुरू करने में मदद मिलेगी। वहीं, 30 से 35 नए बेड जटिल प्रक्रियाओं के बाद मरीजों की निगरानी और देखभाल के काम आएंगे। एक साथ मिलेगी सर्जरी और आधुनिक इमेजिंग सुविधा हाइब्रिड ओटी में सर्जरी और आधुनिक इमेजिंग की सुविधा साथ मिलेगी। इससे जटिल हृदय रोगों में सर्जरी और कैथेटर आधारित इलाज संभव होगा। बाइप्लेन कैथ लैब में दो कोणों से धमनियों की तस्वीरें मिलेंगी। इससे जटिल ब्लॉकेज, स्टेंट लगाने और बच्चों के जन्मजात हृदय दोष के इलाज में मदद मिलेगी। धमनियों में जमा कैल्शियम हटाने की भी उन्नत तकनीक होगी। नई लैब से क्षमता बढ़ेगी एम्स में अभी दो कैथ लैब हैं। नई कैथ लैब से जांच और इलाज की क्षमता बढ़ेगी। कार्डियक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जांच से लेकर जटिल उपचार तक की सुविधाएं एक जगह विकसित करने की योजना है। – डॉ. भूषण शाह, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट, एम्स भोपाल

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