केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आज कल देशविरोधी तत्व ‘रिजीम चेंज’ जैसे नारे देकर सत्ता परिवर्तन के प्रपंच रच रहे हैं, इनके इरादे जाहिर हो गए हैं, दिल की बात जुबान पर आ गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में 99 बार हार चुके हैं। एसआईआर के पहले भी हारे, एसआईआर के बाद भी हारे। अब लगा कि चुनाव में जीत नहीं सकते, जनता जिताएगी नहीं तो अराजकता फैलाओ, देश को तोड़ो में लगे हैं। लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने ये बातें शनिवार को भोपाल में मीडिया से चर्चा में कहींं। इसके पहले वे वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में उन्होंने 7 राज्यों से आए युवाओं के साथ पौधरोपण किया। कार्यक्रम में युवाओं ने केंद्रीय मंत्री से सीधे सवाल पूछे, जिनका उन्होंने जवाब दिया। मुट्ठी भर लोग देश में अराजकता फैलाना चाह रहे शिवराज सिंह ने राहुल गांधी और विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में जीत नहीं पा रहे, इसलिए विपक्ष के नेता परेशान हैं। नरेंद्र मोदी देश की करोड़ों जनता के हृदय के हार हैं। जनता के दिल में बसते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल अब जो बदलने की बात कर रहे हैं, जनता कई बार उन्हें रिजेक्ट कर चुकी हैं। उनके नेतृत्व में 99 बार हार चुके हैं। एसआईआर के पहले भी हारे, एसआईआर के बाद भी हारे। अब लगा कि चुनाव में जीत नहीं सकते, जनता जिताएगी नहीं तो अराजकता फैलाओ, देश को तोड़ो में जुट गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भ्रम और अफवाहें फैला कर भड़काने की कोशिश की जा रही है। बाकी सब तो मोहरे हैं। मुट्ठी भर लोग देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। राहुल गांधी को जनादेश का सम्मान करना चाहिए केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं का हवाला देकर देश में अशांति फैलाने और लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। कुछ लोग अलग-अलग नामों से सामने आ रहे हैं, लेकिन उनके इरादे एक जैसे हैं। मुट्ठी भर लोग देश में अराजकता फैलाना और शांति भंग करना चाहते हैं। भारत में ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। सोशल मीडिया का सही उपयोग होना चाहिए शिवराज सिंह ने सोशल मीडिया के उपयोग पर कहा कि सोशल मीडिया जितना उपयोगी है, उतना ही गलत इस्तेमाल होने पर नुकसानदायक भी हो सकता है। सही जानकारी, ज्ञान और उपयोगी सूचनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच सकती हैं, लेकिन झूठी खबरों, अफवाहों और भ्रामक अभियानों से समाज में अशांति और अराजकता भी फैल सकती है।
