मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से अब तक वंचित महिलाओं के लिए दोबारा पंजीयन का रास्ता खुलने की संभावना जताई गई है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की बात कही है। इसके लिए अधिकारियों को योजना का लाभ नहीं ले पा रहीं महिलाओं की संख्या का आकलन करने और उनके पंजीयन की व्यवस्था तय करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त संदीप जीआर ने फिलहाल ऐसे किसी निर्णय से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि योजना की मौजूदा स्थिति में अभी कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। मंत्री बोले- पोर्टल पर नाम जोड़ने की व्यवस्था होगी नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जिन पात्र महिलाओं के नाम अभी योजना में शामिल नहीं हैं, उन्हें जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए पोर्टल पर व्यवस्था करने की बात भी कही गई है। मंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह आकलन करने को कहा है कि कितनी लाड़ली बहनें योजना के लाभ से वंचित हैं और उनका पंजीयन किस तरह किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई औपचारिक निर्णय होने की पुष्टि नहीं हुई है। 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पहुंची अक्टूबर की किस्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में योजना की अक्टूबर माह की किस्त ट्रांसफर की। इसी बीच नए पंजीयन को लेकर मंत्री के बयान और विभाग के रुख में अंतर सामने आया है। विभाग बोला- अभी पंजीयन की कोई नई व्यवस्था नहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त संदीप जीआर ने कहा कि लाड़ली बहना योजना की स्थिति अभी पहले जैसी ही है और फिलहाल कोई नई व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है। इससे पहले भी विधानसभा में कई बार योजना का पोर्टल दोबारा खोलने और पात्र होने के बावजूद लाभ से वंचित महिलाओं के नाम जोड़ने को लेकर सवाल उठ चुके हैं। विधानसभा में इन सवालों के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया कहती रही हैं कि फिलहाल लाड़ली बहना योजना के लिए दोबारा पंजीयन शुरू करने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में अब नए पंजीयन को लेकर अंतिम स्थिति सरकार के औपचारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… ढाई साल में 5.70 लाख घटी लाड़ली बहनों की संख्या मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में ढाई साल के अंतराल में 5 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं के नाम बाहर हो गए हैं। अब इस योजना में पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार ही रह गई है। एक साल के अंतराल में इस योजना में एक लाख से अधिक नाम कम हो गए हैं।पूरी खबर पढ़ें
