दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता में सड़कों और फ्लाईओवर पर इंद्रधनुषी रंगों से पेंटिंग की गई है। इस बीच बारिश के कारण रंगीन सड़कों पर बाइकर्स के फिसलने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसके बाद सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। विवाद पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सड़कों को रंगीन करना कोई नई बात नहीं है। अमेरिका और आइसलैंड समेत कई देशों में भी ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि अगर दिक्कत हो रही है तो दुर्गा पूजा के बाद इसे हटा दिया जाएगा। मंत्री बोलीं- अल्पना बंगाल की सांस्कृतिक विरासत अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि दुर्गा पूजा के लिए सड़कों पर रंगों से सजावट की गई है और पारंपरिक बंगाली अल्पना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि अल्पना बंगाल की सांस्कृतिक विरासत है। मंत्री ने यह भी कहा कि सड़कें रंगने का काम पहली बार नहीं किया जा रहा है। अमेरिका, आइसलैंड और कई अन्य देशों में भी सड़कों पर रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। मंत्री का दावा- एंटी-स्किड पेंट का इस्तेमाल मंत्री ने दावा किया कि सड़कों पर इस्तेमाल किया गया पेंट एंटी-स्किड है, यानी इसे फिसलन रोकने वाला बनाया गया है। दूसरी ओर, गीली सड़क पर बाइकर्स के फिसलने के वीडियो सामने आने के बाद पेंट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। पर्यावरणविद् सोमेंद्र मोहन घोष ने कहा कि चमकदार ऑयल पेंट गीला होने पर सड़क पर पकड़ कम कर सकता है। इससे वाहनों के फिसलने का खतरा रहता है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि पेंट से सड़क के गड्ढे छिप सकते हैं और इसकी परत उखड़ने से परेशानी हो सकती है। सड़क पर पेंटिंग के लिए खास सामग्री की सलाह घोष ने सड़क पर सामान्य पेंट के बजाय रोड मार्किंग के लिए बनी खास सामग्री इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने इसके लिए इंडियन रोड कांग्रेस के मानक IRC:35-2015 का भी हवाला दिया। उन्होंने इस संबंध में मंत्री और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पत्र लिखा। कंपनियों के CSR फंड से हुआ काम मंत्री के मुताबिक, सड़कों को रंगने का काम कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से किया गया है। इसके लिए करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल नहीं हुआ। कार्यकर्ता नबा दत्ता ने इस सजावट के उद्देश्य और सड़क इस्तेमाल करने वालों पर इसके असर को लेकर सवाल उठाए हैं।
