भोपाल के न्यू मार्केट में आग की बड़ी घटना के बाद नगर निगम एक्शन मोड में है। यहां से अब रेहड़ी और हॉकर्स स्थायी तौर पर टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे। यहां हर दिन फायर मॉकड्रिल होगा और दुकानों के सामने पीली लाइन की पुन: मार्किंग होगी। इसे लेकर मंगलवार को नगर निगम के अधिकारी और न्यू मार्केट व्यापारी संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें न्यू मार्केट नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में विस्थापित करने, अग्नि सुरक्षा के दृष्टिगत प्रतिदिन फायर वाहन द्वारा मॉकड्रिल करने, फुटपाथों पर आवागमन निर्बाध बनाएरखने, दुकानों के सामने पीली लाइन की पुनः मार्किंग करने का निर्णय लिया गया। वहीं, 45 और 36 चबूतरे स्थित दुकानों में स्थापित हाईडेंट को सुचारू बनाए रखने के लिए बेहतर ढंग से रखरखाव करने और जनभागीदारी से न्यू मार्केट क्षेत्र में फायर हाईडेंट सिस्टम स्थापित करने पर आपसी सहमति से निर्णय लिया गया। न्यू मार्केट के व्यवसायियों द्वारा विद्युत ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त भुवन गुप्ता, फायर आफिसर सौरभ पटेल, प्रभारी अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया, न्यू मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष सतीश गंगराडे, सचिव अजय दवानी आदि मौजूद थे। 8 अक्टूबर को लगी थी भीषण आग बता दें कि 8 अक्टूबर को बालाजी छोटे भटूरे दुकान में भीषण आग लगी थी। आग ने पास की 5 बड़ी दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को चपेट में ले लिया था। इससे करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया। जिस जगह आगजनी हुई थी, उससे 100 फीट की दूरी पर ही दो और छोले भटूरे की दुकानें खुली हुई है। इसके पास में दो से तीन नमकीन दुकानें भी हैं। जहां पर सुबह से रात तक भट्टी जलती है। ऐसे में फिर से हादसा होने की संभावना है। 6 दिन पहले लगी थी भीषण आग चौक बाजार में 22 लाख का सिस्टम, पर हादसे के वक्त काम नहीं करता
जानकारी के अनुसार, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए निगम ने 22 लाख रुपए का अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान यह सिस्टम काम नहीं आया। इसकी प्रेशर टेस्टिंग और मेंटेनेंस नहीं होने की बातें सामने आई हैं। शहर के जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड, घोड़ा नक्कास समेत 8 प्रमुख बाजारों में भी यही स्थिति है। आग लगने या हादसे के बाद सुरक्षा इंतजाम होते हैं, लेकिन नियमित जांच नहीं होती। बैरागढ़ में दिखावे का सिस्टम
17 दिसंबर 2017 को संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 100 से ज्यादा कपड़ा दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। इसके बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश मिले। सिस्टम लगा, लेकिन देखरेख नहीं हुई। उपकरण जंग खा रहे हैं। मेन कॉरिडोर तक कब्जे हैं। यहां कभी मॉकड्रिल तक नहीं हुई।
