सतना में बाणसागर परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में गड़बड़ी के मामले में विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश मानवेंद्र प्रताप सिंह ने सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार मणिराज पटेल सहित छह लोगों को 5-5 साल के कारावास की सजा सुनाई है। दो अधिकारियों पर जुर्माना भी मणिराज पटेल (नई बस्ती, सतना) और तत्कालीन बाबू हरीश कुमार त्रिवेदी (बजरंग नगर, रीवा) पर करीब 44-44 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने दोनों को मुआवजा भुगतान में गड़बड़ी का दोषी पाया। चार अन्य आरोपियों को भी सजा गंजास निवासी शिवधारी पटेल के चार बेटों—कौशल, सुरेश, ओमप्रकाश और जयप्रकाश—को भी 5-5 साल की सजा सुनाई गई है। इन सभी पर करीब 19-19 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ऐसे हुआ था फर्जीवाड़ा मामला 1995 से 1999 के बीच का है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) भोपाल ने 24 अक्टूबर 2015 को मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि अधिग्रहित जमीन के असली मालिकों की जगह अन्य लोगों को पेड़ों के मुआवजे का हकदार दिखाकर भुगतान किया गया। पहले 14 हजार 514 रुपये और बाद में अलग-अलग चेकों से 35 लाख 49 हजार 159 रुपये गलत तरीके से दिए गए। अदालत ने इसे गंभीर गड़बड़ी मानते हुए सभी आरोपियों को सजा सुनाई।
