पुलिस ने हमें 18 घंटे से ज्यादा समय से हिरासत में रखा है। हमारे आसपास 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं, जैसे हम कोई अपराधी हों। हमें दिल्ली जाने से क्यों रोका जा रहा है, यह हमारी समझ से परे है। यह कहना है पुणे के छात्र कपिल चव्हाण का, जिन्हें उनके साथियों के साथ इटारसी में हिरासत में रखा गया है। ये छात्र 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। छात्रों के मुताबिक, उन्हें ट्रेन से उतारकर एक रिसॉर्ट में रखा गया है, जिसे वे बीजेपी नेता का बताते हैं। उनके साथ दो दिहाड़ी मजदूरों को भी हिरासत में लिया गया, जिनका दावा है कि वे दिल्ली अपने घर लौट रहे थे। मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नर्मदापुरम एसपी को निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए लोगों को या तो रिहा किया जाए या कोर्ट में पेश किया जाए। इस बीच, रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दिल्ली पहुंचने वाली कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। हाईकोर्ट का निर्देश: हिरासत में लिए लोगों को रिहा करें या कोर्ट में पेश करें गोवा निवासी शार्दुल जितेंद्र बुआ ने हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि यात्रियों के पास वैध टिकट थे, फिर भी उन्हें ट्रेन से उतारकर जिला पुलिस को सौंप दिया गया। शुक्रवार को चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने नर्मदापुरम एसपी को निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए या कोर्ट में पेश किया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 12 अक्टूबर, सोमवार को तय की। रिसॉर्ट में रखे गए छात्र, दो ने भूख हड़ताल शुरू की हिरासत में लिए गए 16 लोगों को इटारसी के ‘द पार्क’ रिसॉर्ट में रखा गया है। छात्रों का दावा है कि रिसॉर्ट एक बीजेपी नेता का है। कार्रवाई के विरोध में निहारिका भोंसले और आकाश नवले ने भूख हड़ताल शुरू की। निहारिका ने कहा, मुझे अब करीब 24 घंटे होने वाले हैं। पुलिस हम पर वापस जाने का दबाव बना रही है। हमारी लड़ाई लोकतंत्र और देश के हर वोटर के लिए है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक हमें आजादी नहीं मिल जाती। आकाश नवले ने आरोप लगाया, पुलिस ने हमारे एक दोस्त की शर्ट तक फाड़ दी। हमें बिना किसी नोटिस या कानूनी दस्तावेज के जबरन बंद रखा गया है। हम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रद्द होने तक आवाज उठाते रहेंगे। छात्रों के साथ दो मजदूर भी हिरासत में, प्रदर्शन से संबंध होने से इनकार छात्रों के साथ दो दिहाड़ी मजदूरों को भी हिरासत में लिया गया। मजदूरों का कहना है कि उनका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था और वे दिल्ली स्थित अपने घर लौट रहे थे। सगे भाई विकास कुमार और परविंद कुमार पेंटिंग का काम करते हैं। वे ट्रेन से दिल्ली स्थित अपने घर लौट रहे थे। परविंद कुमार ने बताया, “हमें भी छात्रों के साथ जबरदस्ती उतार लिया गया। हमने पुलिस को बताने की कोशिश की कि हम मजदूर हैं और घर जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी।” भोपाल और ग्वालियर में भी कार्रवाई, सात अन्य छात्रों को हिरासत में लेने का दावा कार्रवाई इटारसी तक सीमित नहीं रही। खबर के मुताबिक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से दिल्ली जा रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े सात अन्य छात्रों को भी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्टेशनों पर हिरासत में लिया गया। उनके नाम और स्टेशन इस प्रकार हैं: हैदराबाद में बीजेपी से जुड़े रुचिथ के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के दौरान छात्रों ने संदेश भेजे थे। इसके बाद उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका। पुलिस से सात सवाल, खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मामले पर नर्मदापुरम के एसपी और इटारसी थाना प्रभारी का जवाब नहीं मिला। दैनिक भास्कर ने एसपी को वॉट्सऐप पर सात सवाल भेजे.. खबर लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इन सवालों का जवाब नहीं मिला था। दिल्ली पहुंचने वाली 8 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को परेशानी रेलवे बोर्ड के निर्देश पर 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद शुरुआती स्टेशनों से चलने वाली और 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली कुछ ट्रेनें रद्द की गई हैं। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के मुताबिक, यह व्यवस्था एक दिन के लिए है। यात्रियों की मदद के लिए स्टेशनों पर हेल्प डेस्क भी शुरू की गई हैं। अचानक ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
