दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर वहां पहुंच रहे लोगों को भोपाल में रोके जाने का मामला सामने आया है। एनएसयूआई का आरोप है कि दिल्ली जा रहे दूसरे राज्यों के कई लोगों को ट्रेनों से उतारकर हिरासत में रखा गया है। इसके लिए बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस को अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। इसके विरोध में शुक्रवार को एनएसयूआई ने गेस्ट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए हिरासत में रखे गए लोगों से मुलाकात कराने और उन्हें रिहा करने की मांग की। रवि परमार के नेतृत्व में प्रदर्शन एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ता बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस के बाहर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। रवि परमार का आरोप है कि दिल्ली जा रहे लोगों को रास्ते में ट्रेनों से उतारकर डिटेन किया गया है। पुलिस प्रशासन न तो हिरासत में रखे गए लोगों की संख्या बता रहा है और न ही यह जानकारी दे रहा है कि वे कहां के रहने वाले हैं। ‘मुलाकात नहीं कराने दे रही पुलिस’ रवि परमार ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता डिटेंशन सेंटर में रखे गए लोगों से मुलाकात करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस इसकी अनुमति नहीं दे रही। उन्होंने इस कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए कहा कि देशभर में ट्रेनें रद्द की जा रही हैं और दिल्ली में मेट्रो सेवाएं भी बंद होने की बात सामने आई है। अब दिल्ली जा रहे लोगों को भोपाल में रोककर रखा जा रहा है। रिहाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी एनएसयूआई ने मांग की है कि हिरासत में रखे गए लोगों को तत्काल रिहा किया जाए और पुलिस उनकी स्थिति व हिरासत में लिए जाने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक करे। रवि परमार ने चेतावनी दी कि यदि लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो संगठन उग्र प्रदर्शन करेगा। फिलहाल, हिरासत में रखे गए लोगों की संख्या, उनके गृह राज्यों और उन्हें रोके जाने के आधिकारिक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
