बालाघाट में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनसंवाद कार्यक्रम में भाजपा और कांग्रेस के प्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। बीच-बचाव नहीं होता तो मारपीट हो सकती थी। इस दौरान विधायक अनुभा मुंजारे और जिला पंचायत सीईओ तनुश्री दत्ता समेत कई अधिकारी मौजूद थे। यह कार्यक्रम पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल बकोड़ा में हुआ था। मंच पर भाजपा के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी बैठे थे। जब विधायक मुंजारे पहुंचीं, तो उनके लिए मंच पर जगह नहीं थी। इसी बीच मंच से राजनीतिक बयानबाजी होने से विवाद बढ़ गया। प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में चुप रहे। गुंडाराज और अभद्र व्यवहार का विरोध विधायक अनुभा मुंजारे ने भाजपा पदाधिकारियों के गुंडाराज और अभद्र व्यवहार का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जनसंवाद का मकसद जनता की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना है, न कि राजनीतिक ताकत दिखाना। मुंजारे ने साफ कहा कि जनता के सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादा पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। जनता की आवाज उठाना हमारा दायित्व है। किसी के दबाव या राजनीतिक धमकियों से जनहित के मुद्दों पर हमारी आवाज न पहले रुकी है और न आगे रुकेगी। जनता के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। आवाज को दबाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
प्रशासन के लालबर्रा मुख्यालय छोड़कर बकोड़ा में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक होने के बावजूद, उनसे इस संदर्भ में कोई चर्चा नहीं की गई। उन्होंने जिला प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम ही रहने दें। इसे किसी पार्टी विशेष का कार्यक्रम ना बनाएं अन्यथा जनता की आवाज को दबाने वालों को कभी नहीं बख्शा जाएगा।
