जबलपुर पहुंचे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी-प्रियंका गांधी पर जमकर निशाना साधा। प्रियंका गांधी के महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्कामुक्की के वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ यानी पितृसत्ता खत्म करने की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ कैमरे पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की और कोहनी मारते हुए दिखाई देती हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की कथनी और करनी का फर्क बताया। राकेश सिंह ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि किसी नेता या उसके परिवार को विशेषाधिकार हासिल है। पुलिस के जवान जनता की सुरक्षा के लिए हैं। उन पर हमला करना और सरकारी वाहनों व संपत्ति में तोड़फोड़ करना विरोध नहीं, बल्कि अराजकता है। कांग्रेस को बताना होगा कि क्या कानून तोड़ना ही उसकी राजनीति है। ‘संविधान की प्रति लहराना आसान, मर्यादा निभाना कठिन’ राकेश सिंह ने कहा कि बात-बात पर संविधान की प्रति लहराना आसान है, लेकिन उसकी मर्यादा निभाना कठिन है। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि केरल और तमिलनाडु के चुनाव भी इसी चुनाव आयोग ने कराए हैं। वहां परिणाम कांग्रेस के अनुकूल आए तो चुनाव आयोग सही है और जहां परिणाम अनुकूल नहीं आए, वहां आयोग गलत हो गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सुविधा की राजनीति बंद करनी होगी। लंबे समय से पार्टी सत्ता से बाहर है, इसलिए विपक्ष में रहते हुए सवाल पूछना उसका अधिकार है। आंदोलन करना भी उसका अधिकार है, लेकिन लोकतंत्र में इसकी भी एक मर्यादा है। राकेश सिंह ने कहा कि कोई राजपुरुष नहीं है और न ही देश में राजतंत्र है। इसलिए लोकतंत्र की मर्यादाओं का पालन सभी को करना होगा।
