ग्वालियर में कोर्ट ने शिवपुरी के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी का स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। दिनेश लोधी पुरानी छावनी में हत्या के प्रयास के मामले में लगभग दो साल से उपस्थित नहीं हुआ है। लगातार उसके गायब होने और कोर्ट में पुरानी छावनी पुलिस के यह बयान कि आरोपी आवारा किस्म का है। वह कई महीनों में एक या दो बार कुछ समय के लिए ग्वालियर आता है। ज्यादातर समय वह शिवपुरी पिछोर रहता है। यह सुनते ही हत्या के प्रयास (धारा 307) के गंभीर मामले में घिरे शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की मुश्किलें बढ़ती चली गईं हैं। अपर सेशन न्यायाधीश कपिल सोनी की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त दिनेश लोधी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपी जब तक गिरफ्तार नहीं हो जाता, तब तक प्रकरण से जुड़े रिकॉर्ड और जब्त सामान को सुरक्षित रखा जाए। केस रिकॉर्ड पर लाल स्याही से लिखा- ‘अभियुक्त फरार’ कोर्ट ने सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिया है कि प्रकरण के मुख्य पृष्ठ (टाइटल पेज) पर लाल स्याही (Red Ink) से यह स्पष्ट दर्ज किया जाए कि अभियुक्त फरार है। इसके साथ ही यह आदेश भी दिया गया है कि केस रिकॉर्ड और पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्ति को किसी भी हाल में नष्ट न किया जाए। 22 जुलाई 2024 के बाद से कोर्ट से गायब अभियुक्त दिनेश लोधी 22 जुलाई 2024 के बाद से कभी भी व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर नहीं हुआ। 23 अगस्त 2024 से 16 मार्च 2026 तक वह लगातार अनुपस्थित रहा और केवल हाजिरी माफी के आवेदन लगाता रहा। इसके चलते कोर्ट ने 17 अप्रैल 2026 को उसकी जमानत और बंधपत्र निरस्त कर वारंट जारी किया था। पुलिस की रिपोर्ट-आवारा किस्म का है आरोपी पुरानी छावनी थाने के प्रधान आरक्षक रघुवीर सिंह के बयानों और पुलिस तस्दीक रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने माना कि आरोपी जानबूझकर पुलिस और अदालत से बच रहा है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी आवारा किस्म का है और ज्यादातर समय दोस्तों के साथ बाहर ही रहता है। वह अपने गृह गांव जलालपुर में भी केवल महीने-दो महीने में कुछ देर के लिए ही आता है। जब तक पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक गवाहों के बयान पर रोक अपर लोक अभियोजक आरपी पालीवाल ने स्पष्ट किया कि आरोपी की गैरमौजूदगी में अभियोजन के गवाहों के बयान दर्ज नहीं किए जाएंगे। कानून के मुताबिक गवाहों के कथन अभियुक्त के पकड़े जाने और कोर्ट में पेश होने के बाद ही रिकॉर्ड पर लिए जाएंगे। पुराना रिकॉर्ड भी दागदार, एट्रोसिटी कोर्ट से भी जारी हो चुका है वारंट दिनेश लोधी के खिलाफ ग्वालियर के पुरानी छावनी थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। इसके अलावा, इससे पहले एट्रोसिटी कोर्ट से भी उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी हो चुका है। पांच महीने में यह दूसरा मामला है जब भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी के खिलाफ कोर्ट ने यह बड़ा एक्शन लिया है। मुख्य घटनाक्रम और विवाद थार से टक्कर की घटना (अप्रैल 2026): 16 अप्रैल 2026 को शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में दिनेश लोधी पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी महिंद्रा थार गाड़ी से तीन लोगों की एक मोटरसाइकिल और दो पैदल चल रहे लोगों सहित कुल 5 लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया। घटना के बाद सामने आए वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि वे हॉर्न और सायरन दे रहे थे, लेकिन लोगों ने साइड नहीं दी। इस घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ। फरार घोषित (जुलाई 2026): 10 जुलाई 2026 को ग्वालियर की विशेष अदालत (SC-ST कोर्ट) ने एक पुराने मामले (वर्ष 2023 के एक मारपीट मामले) में सुनवाई के दौरान पेश न होने पर दिनेश लोधी को फरार घोषित कर दिया और उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
