उज्जैन के मित्र नगर निवासी मोहम्मद शफीक को अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 8 दिन की पैरोल मिली है। गुजरात की साबरमती जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा शफीक गुरुवार रात गुजरात पुलिस की निगरानी में उज्जैन पहुंचा। उसके मित्र नगर स्थित घर के आसपास गुजरात पुलिस के साथ चिमनगंज थाना और पुलिस लाइन का बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। पैरोल अवधि पूरी होने के बाद 8 अक्टूबर को उसे वापस गुजरात ले जाया जाएगा। पुलिस से पूछताछ में बताया- कानूनी पैरवी के लिए फंड जुटाना है चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोडिया के अनुसार, पुलिस ने शफीक से पैरोल पर उज्जैन आने का कारण पूछा था। उसने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में अपनी पैरवी से संबंधित फंड जुटाने और इसके लिए लोगों से संपर्क करने के उद्देश्य से उसे पैरोल मिली है। पुलिस का कहना है कि पैरोल की शर्तों के तहत उसे निगरानी में रखा गया है और किसी भी गलत गतिविधि की आशंका को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 18 साल से जेल में,यह चौथी बार पैरोल 48 वर्षीय शफीक पिछले करीब 18 वर्षों से गुजरात की साबरमती जेल में सजा काट रहा है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह उसकी चौथी पैरोल है। सितंबर 2024 को भी उसे पैरोल पर उज्जैन लाया गया था। इसके बाद 2025 में भी वह पैरोल पर आया था। इससे पहले परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए भी उसे पैरोल मिली थी। इस बार उसे 8 दिन की पैरोल मिली है। क्या है अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामला अहमदाबाद में वर्ष 2008 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट देश के बड़े आतंकी मामलों में शामिल रहे हैं। शहर में हुए सिलसिलेवार धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस मामले में लंबे समय तक चली कानूनी कार्रवाई के बाद कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया। शफीक अंसारी भी इसी मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों में शामिल है और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उम्रकैद की सजा होने के बाद से वह गुजरात की जेल में बंद है।
