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चुनाव UP में तो राहुल के फोकस में MP क्यों:12 दिन में दो दौरे, केन-बेतवा प्रभावितों को दिल्ली बुलाया; भाजपा दबाव महसूस कर रही?

मई से बालाघाट में बच्चों की मौत हो रही थी। सितंबर में राहुल गांधी ने मुद्दा उठाया और अब सीधे जगला गांव पहुंच गए। गुरुवार को बैगा आदिवासी परिवारों से मिले। करीब 1,500 ग्रामीण उन्हें देखने पहुंचे। पिछले 12 दिन में मध्य प्रदेश का यह उनका दूसरा दौरा है। मौतें मई से हो रही थीं, तो राहुल अब क्यों आए? अगले साल चुनाव यूपी में हैं, फिर MP पर इतना जोर क्यों? और भाजपा इसे ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ क्यों कह रही है? मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में पूरी कहानी… सवाल 1: राहुल बालाघाट क्यों आए? क्या प्रदेश कांग्रेस पीछे रह गई? जवाब- इसे टाइमलाइन से समझते हैं। 18-19 मई बिरसा ब्लॉक में पहली दो मौतें, तीन साल की रूही और उसके 5 साल के भाई राम की, दोनों घर पर ही। 29 जुलाई मामला मीडिया में आया, तब तक प्रशासन सिर्फ 8 मौतें मान रहा था। अगस्त भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में अकेले 9 गांवों में 20 मौतों की जानकारी मिली। आदिवासी संगठन आंदोलन पर बैठे। 5 सितंबर राहुल की पहली पोस्ट। 9-18 सितंबर हाईकोर्ट में सुनवाई, आंकड़ा 25 से 27 पहुंचा, कोर्ट ने सख्त सवाल पूछे। 12 सितंबर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके प्रभावित गांवों में पहुंचे। 17 व 19 सितंबर राहुल की दूसरी पोस्ट, फिर इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’। 1 अक्टूबर बालाघाट दौरा, एक दिन पहले एक और मौत से आंकड़ा 34 तक पहुंचा। सवाल 2: चुनाव तो यूपी में हैं, फिर राहुल का इतना ध्यान मध्य प्रदेश पर क्यों? जवाब- राहुल के कार्यक्रम मुद्दों और उन राज्यों के हिसाब से चल रहे हैं, जहां कांग्रेस के पास भाजपा से सीधे लड़ने की गुंजाइश है। ⇒ पिछले एक महीने में: यूपी में 8-9 सितंबर को रायबरेली का दो दिन का दौरा हुआ, पर वह सांसद के तौर पर था। उसमें DISHA बैठक और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा शामिल था। MP में 19 सितंबर को इंदौर और 1 अक्टूबर को बालाघाट, यानी दो दौरे। ⇒ ‘छात्रों की गूंज’ के पांच कार्यक्रम: कोटा (17 जून), देहरादून (17 जुलाई), प्रयागराज (8 अगस्त), पुणे (22 अगस्त) और इंदौर (19 सितंबर)। इनमें से सिर्फ उत्तराखंड और यूपी में अगले साल की शुरुआत में चुनाव हैं। राजस्थान और MP में चुनाव 2028 में हैं और महाराष्ट्र में 2029 में। ⇒ बाकी चुनावी राज्य: पंजाब में चुनाव अगले साल की शुरुआत में हैं। राहुल 28 फरवरी को बरनाला में रैली कर चुके हैं और सितंबर में अमृतसर से बस यात्रा की योजना थी। गुजरात में चुनाव 2027 के अंत में हैं। इससे पहले राहुल मार्च और जुलाई 2025 में गुजरात गए थे। तो फिर MP पर इतना जोर क्यों? सवाल 3: मध्य प्रदेश में आदिवासी वोट इतना मायने क्यों रखता है? जवाब- MP की करीब 21% आबादी आदिवासी है और विधानसभा की 47 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं। हर 5 में से 1 व्यक्ति आदिवासी है। सवाल 4: बालाघाट की मौतों से राहुल सीधे आदिवासी मुद्दे पर कैसे पहुंच गए? जवाब- बालाघाट का भाषण सिर्फ बच्चों की मौत तक सीमित नहीं रहा, राहुल ने इसे आदिवासी अधिकारों से जोड़ दिया। सवाल 5: राहुल की सक्रियता से क्या भाजपा दबाव में है? जवाब- भाजपा दो काम कर रही है- जमीन पर राहत दिखाना, और बहस को मुद्दे से हटाकर राहुल के व्यवहार की तरफ ले जाना। राहुल के दौरे के बाद कांग्रेस ने ये वीडियो ‘X’ पर पोस्ट किया है। प्ले बटन पर क्लिक करके आप वीडियो देख सकते हैं। मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर की ये कड़ी भी पढ़िए…
उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद की असली वजह क्या है?- इसी सड़क पर खड़े हनुमान का मंदिर टूटा उज्जैन में सोमवार सुबह शाही मस्जिद के बाहर अचानक तनाव बढ़ गया। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का एक हिस्सा हटाने की कार्रवाई शुरू हुई तो विरोध कर रहे लोग पुलिस के सामने आ गए। पथराव हुआ, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज करना पड़ा। नमाज के वक्त कार्रवाई रोकनी पड़ी और शहर के कई बाजार व निजी स्कूल बंद रहे… पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए।

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