रीवा शहर की खराब सड़कों को लेकर कांग्रेस महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने डामरीकरण के काम पर सवाल उठाए हैं। महापौर ने बरसात से पहले शहर में कराए गए डामरीकरण को करीब 7 करोड़ रुपए का घोटाला बताया है। उनका आरोप है कि कई जगह पहले से बनी सीमेंट की सड़कों के ऊपर ही डामर की परत चढ़ा दी गई। महापौर का कहना है कि जब सड़क पहले से सीमेंट की बनी हुई थी तो उसके ऊपर डामर करने की जरूरत क्या थी। उनका आरोप है कि जल्दबाजी में कराए गए इस काम का असर अब सामने आ रहा है और कई जगह डामर उखड़ने से सड़कें और खराब हो गई हैं। जयस्तंभ से फोर्ट रोड तक डामरीकरण का दावा महापौर के मुताबिक शहर में जयस्तंभ, स्टेच्यू चौराहा, फ्लाइओवर, छोटीपुल, कॉलेज चौराहा और फोर्ट रोड समेत कई हिस्सों में डामरीकरण कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बरसात शुरू होने से पहले काम जल्दबाजी में कराया गया। बारिश के बाद कई जगह सड़क की ऊपरी डामर की परत उखड़ गई और अब सड़क की हालत पहले से ज्यादा खराब नजर आ रही है। बोले- सीमेंट रोड पर डामर करने का औचित्य क्या? अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि जिन सड़कों पर पहले से सीमेंट की सतह मौजूद थी, वहां उसके ऊपर डामर करने का कोई औचित्य नहीं था। उनके मुताबिक इस काम से लोगों को बेहतर सड़क मिलने के बजाय सरकारी राशि खर्च हुई। महापौर ने आरोप लगाया कि डामरीकरण का काम जनता की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक लाभ के लिए कराया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग महापौर ने शहर की मौजूदा सड़कों की स्थिति का हवाला देते हुए पूरे काम की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि डामरीकरण के कुछ ही समय बाद सड़क की परत उखड़ना काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले में जांच कर यह तय करने की मांग की है कि डामरीकरण का काम किसके स्तर पर स्वीकृत हुआ, किस एजेंसी ने कराया और सड़क की खराब स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी है।
