केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि उनका सपना भारत के ऑटो सेक्टर को दुनिया में नंबर-1 बनाने का है। उन्होंने कहा कि भारत अभी अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। गडकरी ने यह बात 2026 के पहले एचटी ऑटो लीडरबोर्ड अवॉर्ड्स में कही। उन्होंने कहा कि भारत का ऑटो सेक्टर अर्थव्यवस्था में 22.75 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का योगदान देता है। क्लीन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर गडकरी ने क्लीनर पावरट्रेन और फ्यूल टेक्नोलॉजी पर सरकार के फोकस को दोहराया। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की बदलती सोच के साथ इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का बड़ा सेगमेंट बन रहे हैं। FY26 में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। उन्होंने इसे बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति ग्राहकों के सकारात्मक रुझान का संकेत बताया। गडकरी ने ऑटो इंडस्ट्री से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत कम करने के तरीकों पर विचार करने की अपील की। 1990 के बाद बढ़ा ऑटो सेक्टर 1991 से पहले: गाड़ियों के उत्पादन पर कड़े सरकारी नियम थे, विदेशी निवेश बंद था और विकल्प बेहद सीमित थे। 1991 के बाद: लाइसेंस खत्म हुए, विदेशी कंपनियों की एंट्री हुई और गाड़ियां सस्ती-आधुनिक हुईं। आज की स्थिति: भारत अब अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन चुका है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… गडकरी बोले- मीडिया सेक्टर में विश्वसनीयता का संकट:ये सबसे बड़ी समस्या; लोकतंत्र के लिए न्यायपालिका और मीडिया का निष्पक्ष होना जरूरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सभी संस्थानों में मीडिया के सामने विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है। आज सबसे बड़ी जरूरत है कि मीडिया अपनी विश्वसनीयता फिर से कायम करे। पूरी खबर पढ़ें…
