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बाबा बोला- 22 एकड़ सरकारी जमीन हथियाना है:बुंदेलखंड के फर्जी संत, बागेश्वर की तरह लगा रहे दरबार; न मंत्र आता है न चालीसा

शास्त्रों और मंत्रों की जानकारी पर सवाल हुए तो जवाब नहीं दे पाए, लेकिन दावे चमत्कार के कर दिए। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में एक बाबा ने खुद को भगवान बताया, तो दूसरे ने घर में अपना पोस्टर लगाने पर वहीं से सब देखने का दावा किया। बुंदेलखंड में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की लोकप्रियता के बीच चमत्कार का दावा करने वाले कई बाबा सामने आए हैं। इनमें कुछ झोले में हनुमान जी की मूर्ति और छोटी गदा लेकर घूमते हैं। सोशल मीडिया पर रील्स के जरिए अपने दरबार का प्रचार भी करते हैं। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने 30 दिन तक अंडरकवर रहकर छतरपुर, सतना और उत्तर प्रदेश के महोबा में दरबार लगाने वाले 6 बाबाओं का स्टिंग किया। रिपोर्टर कहीं निवेशक, कहीं मरीज तो कहीं श्रद्धालु बनकर पहुंचे और अलग-अलग काल्पनिक समस्याएं रखीं। इस पड़ताल में टीम अपने साथ एक कर्मकांडी पंडित को भी ले गई। उन्होंने बाबाओं से शास्त्रों और मंत्रों से जुड़े सवाल किए। कई मौकों पर बाबा इन सवालों का सटीक जवाब नहीं दे पाए। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट-1 में पढ़िए, छतरपुर के तीन बाबाओं के स्टिंग ऑपरेशन की पूरी कहानी… भास्कर रिपोर्टर ने अजयपाल बाबा से दरबार में ‘इन्वेस्ट’ करने की इच्छा जताई। इसके बाद सामुदायिक भवन में हुई बातचीत में बाबा ने हाईवे से लगी सरकारी जमीन पर कब्जे की योजना बताई। बाबा अजयपाल: यहां हाईवे से लगी 22 एकड़ सरकारी जमीन है। सामने जितने पेड़ दिख रहे हैं, वह पूरी सरकारी जमीन है। दरबार बढ़ेगा तो धीरे-धीरे इस पर कब्जा कर लेंगे। गोशाला बनवा देंगे तो जमीन हमें मिल जाएगी। रिपोर्टर: इस पर कोई आपत्ति नहीं उठाएगा? बाबा अजयपाल: जो आपत्ति उठाएगा, हम भी उतनी दम रखते हैं। 100 लोगों के काम कराएंगे तो वे कब काम आएंगे? मंत्रों पर सवाल, बाबा का जवाब- नया मंत्र खुद बनाएंगे टीम के साथ गए कर्मकांडी पंडित ने बाबा से शास्त्रों और मंत्रों के ज्ञान पर सवाल किए। बातचीत इस तरह हुई- जब बीज मंत्र ‘ॐ हं हनुमते नमः’ पूछा गया तो बाबा उसे भी ठीक से नहीं बता पाए। उन्होंने कहा, ‘किताबों का कोई मंत्र काम नहीं करता। वो काम करो, जो किताबों में न हो। नया मंत्र खुद बनाकर देंगे।’ पिपट गांव के इस दरबार में ₹100 के पर्चे बनाए जा रहे थे। भुगतान QR कोड से लिया जा रहा था। भास्कर रिपोर्टर ने बाबा के सामने दो काल्पनिक समस्याएं रखीं। पहली काल्पनिक कहानी- भाई नशे में पागल हो जाता है घर की फोटो देखकर बाबा ने कहा, ‘घर पर मारण तंत्र है। इसकी मौत 100% होगी। या तो फांसी लगाएगा या खुद को गोली मारेगा। उन्होंने दावा किया कि दोस्त ने मरघट की भस्म में चौमुखी काली और मशान मिलाकर उसे खिला दिया है। इसके बाद ₹4,100 की जड़ी-बूटी वाली दवा लेने को कहा। दूसरी काल्पनिक कहानी- शादी नहीं हो रही, पत्नियां छोड़कर भाग जाती हैं रिपोर्टर का हाथ देखकर बाबा ने कहा, ‘तुम्हारे मस्तक पर अविवाहित रेखा है। तुम 6 शादियां भी कर लो तो छहों भाग जाएंगी। तुम्हारी किस्मत में लुगाई नहीं है।’ ‘मैं ही ईश्वर हूं…नरबलि दे सकते हो?’ बातचीत में बाबा ने कहा, ‘हम किसी से नहीं डरते, ईश्वर से भी नहीं। ईश्वर से क्या डरना? मेरा पोस्टर घर में लगाओ, मैं वहीं से सब देखता रहूंगा।’ जब रिपोर्टर ने गड़े हुए सोने की काल्पनिक कहानी सुनाई तो बाबा ने कहा, ‘तुम्हारे घर में 68 किलो सोना दबा है। लेकिन यह आसानी से नहीं मिलेगा। क्या किसी मनुष्य की बलि दे सकते हो? सुविधा है तो हमें कॉल करना।’ ग्वाल बाबा के दरबार में यूट्यूब और इंस्टाग्राम वीडियो के लिए कैमरामैन तैनात रहता है। भास्कर टीम ने उनकी कथित ‘त्रिकालदर्शिता’ को परखने के लिए चार लोगों को अलग-अलग काल्पनिक समस्याओं के साथ भेजा। चारों की अर्जी स्वीकार कर ली गई। पहला पर्चा: शादीशुदा ड्राइवर ने कहा कि उसकी शादी नहीं हो रही। दूसरा पर्चा: शादीशुदा रिपोर्टर ने तलाक और नींद न आने की काल्पनिक समस्या बताई। तीसरा पर्चा: स्वस्थ और नशा न करने वाले रिपोर्टर ने खुद को नशे का आदी बताया। चौथा पर्चा: शादीशुदा रिपोर्टर ने कहा कि प्रेमिका ₹27 लाख के जेवर और गाड़ी लेकर भाग गई। बाहर निकलते ही ₹3,500 के हवन का ऑफर दरबार से बाहर निकलते ही बाबा के भाई मोनू कुशवाहा ने टीम से हवन कराने को कहा। उसने बताया, ‘हवन आज ही करवाना पड़ेगा। प्रति व्यक्ति ₹3,500 की हवन सामग्री लगेगी और वह यहीं से खरीदनी होगी।’ उत्तर प्रदेश के तांत्रिक का पेट के अंदर से जादू-टोना निकालने का फरेब और नशामुक्ति की दवा के नाम पर नींबू पानी पिलाने का पूरा सच…भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट-2 में ये खबर भी पढ़ें… सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में घोटाला…250 करोड़ का खेल उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए 5 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य हो रहे हैं। इसमें बिजली लाइन शिफ्टिंग के लिए 250 करोड़ रुपए मंजूर हैं। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की निगरानी में 75 लाइनों की शिफ्टिंग चल रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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