महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा है। इसमें वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़े ECINet सॉफ्टवेयर में 4 बदलाव की मांग की गई है। चोकलिंगम चाहते हैं कि स्थानीय अधिकारियों को अपने कानूनी अधिकारों के मुताबिक फैसला लेने की सुविधा मिले। उन्होंने ECINet में 4 बदलाव सुझाए हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दो चुनाव आयुक्त ECINet के केंद्रीय नियंत्रण पर आपत्ति जता चुके हैं। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे। चोकलिंगम ने ECINet में ये 4 बदलाव मांगे सुनवाई का फैसला ERO करें: कौन से मामले में मतदाता को बुलाना है, यह ERO तय कर सकें। दस्तावेज तय करने की छूट: ERO जरूरत के हिसाब से दस्तावेज स्वीकार कर सकें। मामले खुद निपटा सकें: ERO को कुछ मामलों में अपने स्तर पर फैसला लेने की सुविधा मिले। सॉफ्टवेयर में अधिकार मिलें: ECINet में ERO के कानूनी अधिकारों के मुताबिक विकल्प दिए जाएं। SIR में ‘लॉजिकल गड़बड़ी’ वाले रिकॉर्ड की जांच SIR के दौरान कुछ मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ मिली है। इसका मतलब पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी में अंतर होना है। ऐसे मामलों में नोटिस भेजे जा रहे हैं। ERO को दस्तावेज और रिकॉर्ड देखकर फैसला करना होता है। महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया जारी महाराष्ट्र में SIR के तहत मतदाता सूची की जांच चल रही है। 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी। इसमें 21.1% मतदाताओं की संख्या कम हुई थी। अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को जारी होनी है। दो चुनाव आयुक्त ECINet पर आपत्ति जता चुके चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINet के केंद्रीय नियंत्रण पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े अधिकार ERO, जिला निर्वाचन अधिकारी और CEO के पास हैं। लेकिन सॉफ्टवेयर का एक्सेस कंट्रोल केंद्रीय स्तर पर होने से इन अधिकारियों की भूमिका प्रभावित हो सकती है। चुनाव आयोग ने सॉफ्टवेयर की समीक्षा का फैसला लिया इधर, चुनाव आयोग ने ECINet की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का फैसला लिया है। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त करेंगे। समिति में IIT या IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाएगा।
