स्वर्ग सदन आश्रम में 8 साल से सेवादार था युवक, मधुबनी पहुंचते ही मां-पिता की आंखों से छलके खुशी के आंसू
20 साल पहले घर सुभाषपुरा थाना झंझारपुर जिला मधुबनी बिहार से रिश्तेदारी में न्योता खाने निकला एक युवक जब लापता हुआ, तो परिवार ने वर्षों तलाश के बाद उसे मृत मानकर उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन डीएसपी संतोष पटेल के वीडियो की बदौलत दो दशक बाद उस परिवार की खुशियां लौटा दीं। मानसिक रूप से निशक्त मधुबनी (बिहार) निवासी 43 वर्षीय शंकर कुशवाह महतो को ग्वालियर के स्वर्ग सदन आश्रम ने अपनों से दोबारा मिला दिया। जब 20 साल बाद शंकर अपने पैतृक गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने बैंड-बाजे के उनका स्वागत किया। 2018 में बेहोश मिला था
वर्ष 2018 में ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर शंकर बेहद दयनीय हालत में मिला था। वह अपना पता बताने में असमर्थ थे। आश्रम स्वर्ग सदन के संस्थापक विकास गोस्वामी उन्हें आश्रम ले आए। उचित देखरेख और इलाज के बाद उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ। वह परिजनों के नाम तो बताने लगा, लेकिन घर का सही पता याद नहीं था। ऐसे में उन्होंने पुलिस से इस मामले में मदद ली। वीडियो से 48 घंटे में बिहार से आया फोन, रोने लगा भाई
कुछ दिन पूर्व ग्वालियर में पदस्थ डीएसपी संतोष पटेल (वर्तमान में भोपाल में पदस्थ हैं) आश्रम पहुंचे और उन्होंने शंकर का वीडियो बनाकर अपने अकाउंट पर साझा किया। वीडियो अपलोड होने के दो दिन बाद शंकर के बड़े भाई लल्लन ने विकास गोस्वामी को फोन किया। वीडियो कॉल पर बात होते ही भाई ने शंकर को पहचान लिया और फूट-फूट कर रोने लगा। युवक के गांव पहुंचने पर उत्सव जैसा माहौल
सूचना मिलते ही परिजन तुरंत ग्वालियर पहुंचे और औपचारिकताएं पूरी कर शंकर को साथ ले गए। अपने गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बन गया। बैंड-बाजों के साथ शंकर की अगवानी की गई। 20 साल बाद अपने खोए हुए बेटे को सामने देख वृद्ध माता-पिता भाव-विभोर हो गए।
