मध्यप्रदेश के बैतूल के दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय तैराक रामबरन पाल ने इंग्लैंड के डोवर से फ्रांस तक इंग्लिश चैनल पार कर उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 24 सितंबर की सुबह समुद्र में उतरकर 21 घंटे 20 मिनट तक तैराकी की और 25 सितंबर की सुबह फ्रांस पहुंचे। अभियान में पद्मश्री डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया और पांच सदस्यीय टीम साथ रही। सुरक्षा के लिए एक बोट पूरे समय साथ चलती रही। कई साल की कोशिश के बाद मिली सफलता
रामबरन इससे पहले आर्थिक दिक्कत और खराब मौसम के कारण प्रयास पूरा नहीं कर सके थे। इस बार कड़ाके की ठंड और समुद्र की मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने तैराकी पूरी की। वे प्रतियोगिता के लिए 17 सितंबर को इंग्लैंड पहुंचे थे। 24 सितंबर को प्रैक्टिस के बाद अगले दिन चैनल पार करने के लिए समुद्र में उतरे। लोहिया की तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंग
इस अभियान में भिंड के गजेंद्र सिंह कुशवाह भी जुड़े थे। वहीं डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया ने अपनी तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंग पूरी की। अभियान के दौरान साथ चल रही बोट में रेस्क्यू और सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 22 पदक
रामबरन ने अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 22 पदक जीते हैं। वर्ष 2006 में उन्हें मध्यप्रदेश के विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वे फिलहाल बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच हैं। 1 अक्टूबर को बैतूल लौटेंगे। तस्वीरें देखिए…
