मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को राहत नहीं मिली। चार्जशीट रद्द करने की मांग को लेकर दायर उनकी याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने 27 बच्चों के परिजन को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद डॉ. प्रवीण सोनी की ओर से याचिका वापस ले ली गई, जिस पर हाईकोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी इससे पहले डॉ. प्रवीण सोनी, उनकी पत्नी ज्योति सोनी सहित दो अन्य की ओर से हाईकोर्ट में जमानत आवेदन भी दायर किया गया था। आवेदन में बताया गया था कि डॉ. सोनी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, परासिया में चाइल्ड स्पेशलिस्ट के तौर पर पदस्थ थे और 5 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में हैं। डॉ. सोनी की ओर से दलील दी गई थी कि कफ सिरप बनाने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। वे करीब 20 साल से यह दवा लिख रहे थे। कफ सिरप श्रीसन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने बनाया और बेचा था। उन्हें दवा में किसी तरह की मिलावट की जानकारी नहीं थी। जिस समय उन्होंने दवा लिखी थी, उस समय इस पर कोई रोक नहीं थी। कफ सिरप पर पहली बार 4 अक्टूबर 2025 को रोक लगाई गई थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि बिना जांच के प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। डॉक्टर पर कमीशन लेकर सिरप लिखने का आरोप हाईकोर्ट के आदेश में अभियोजन की ओर से लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि कफ सिरप के संबंध में जानकारी होने के बावजूद डॉ. सोनी कमीशन लेकर बच्चों को दूषित कफ सिरप लिखते रहे। अभियोजन ने यह भी दावा किया कि सिरप लेने के बाद कई बच्चों में तेज बुखार, पेशाब करने में परेशानी और किडनी संबंधी गंभीर समस्याएं सामने आईं। कौन हैं डॉ. प्रवीण सोनी डॉ. प्रवीण सोनी परासिया के सिविल अस्पताल में सरकारी पीडियाट्रिशियन के तौर पर पदस्थ थे। आरोप है कि वे अस्पताल में ड्यूटी के साथ निजी प्रैक्टिस भी कर रहे थे। मामले की जांच में सामने आया कि उन्होंने कई बच्चों को ऐसी दवाएं लिखीं, जिनके सेवन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। कुछ बच्चों में किडनी फेल होने की स्थिति बनी और उनकी मौत हो गई। बच्चों की मौत के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने भी सिरप में जहरीला पदार्थ पाए जाने के बाद इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। 27 बच्चों की मौत का मामला कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में छिंदवाड़ा और बैतूल में अब तक 27 बच्चों की मौत हो चुकी है। मामले में डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इससे पहले निचली अदालत ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
