Homeविदेशमैक्रों बोले-गाजा के हालात दुनिया के लिए शर्म की बात:लोग पानी-दवाइयों के...

मैक्रों बोले-गाजा के हालात दुनिया के लिए शर्म की बात:लोग पानी-दवाइयों के लिए जूझ रहे, ट्रम्प के जंग खत्म होने के दावे पर सवाल उठाया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गाजा में शांति को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठाए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने भाषण में उन्होंने कहा कि गाजा की मौजूदा स्थिति पूरी दुनिया के लिए शर्म की बात है। मैक्रों ने कहा कि वहां के लोग अब भी पानी, दवाइयों और राहत सामग्री के लिए जूझ रहे हैं, इसलिए सिर्फ शांति का दावा करने से हालात नहीं बदलते। उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे के कुछ घंटे बाद आई, जिसमें कहा गया था कि गाजा का युद्ध खत्म हो चुका है और उनकी 20 सूत्रीय शांति योजना सफल रही है। मैक्रों बोले- फिलिस्तीन को सिर्फ मान्यता देने से बात नहीं बनेगी मैक्रों ने कहा कि इसी UN महासभा में कई देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। उस समय भी कुछ लोगों ने कहा था कि सिर्फ मान्यता देने से जमीन पर हालात नहीं बदलेंगे। उन्होंने कहा कि अगर आज भी गाजा के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुईं और दुनिया कुछ नहीं कर रही, तो फिर फिलिस्तीन को मान्यता देने का मतलब क्या रह जाता है। व्हाइट हाउस ने ट्रम्प का बचाव किया मैक्रों के बयान के बाद व्हाइट हाउस ने ट्रम्प का बचाव किया। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ऐना कैली ने कहा कि ट्रम्प ने इजराइल और हमास के बीच युद्ध रुकवाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सभी जीवित बंधकों को रिहा कराया गया और मारे गए बंधकों के शव भी उनके परिवारों तक पहुंचाए गए। उनके मुताबिक, ट्रम्प अब गाजा में अपनी 20 सूत्री शांति योजना को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि कई लोग सिर्फ बयान दे रहे हैं, जबकि ट्रम्प इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। मैक्रों ने वेस्ट बैंक का मुद्दा भी उठाया मैक्रों ने अपने भाषण में वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां लगभग हर दिन नई घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वेस्ट बैंक की हर घटना के लिए हमास को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इजराइल को पड़ोसी देशों की सीमा का सम्मान करना होगा मैक्रों ने कहा कि इजराइल के पड़ोसी देशों की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान नहीं करने से उसकी सुरक्षा मजबूत नहीं होगी। उनके मुताबिक, ऐसी कार्रवाइयां आगे चलकर इजराइल की सुरक्षा को ही कमजोर कर सकती हैं। फ्रांस ने पिछले एक साल में वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों को लेकर अपना रुख सख्त किया है। फ्रांस ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं और वहां की बस्तियों से आने वाले सामान पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। वेस्ट बैंक और गाजा क्यों अहम हैं? 1967 के युद्ध में इजराइल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी पर कब्जा किया था। फिलिस्तीनियों की मांग है कि ये तीनों क्षेत्र भविष्य में उनके देश का हिस्सा होने चाहिए। इजराइल की मौजूदा सरकार फिलिस्तीनी देश के बनने का विरोध करती है और वेस्ट बैंक के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को अपने में मिलाना चाहती है। इजराइल-फिलिस्तीन के बीच क्यों नहीं हो पा रहा समझौता ———————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की ईरान को धमकी-समझौता करो, वरना तबाह कर देंगे: 7 महीने में 10 से ज्यादा धमकियां दीं अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने के बाद से ट्रम्प पिछले 7 महीने में 10 से ज्यादा बार ईरान को तबाह करने की धमकी दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें पलटकर बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here