गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में चीतों का कुनबा बढ़ाने की तैयारी है। कूनो नेशनल पार्क से एक और मादा चीता गांधी सागर लाने की योजना है। 17 सितंबर तक यहां तीन चीते मौजूद थे। वन विभाग के मुताबिक कूनो से करीब छह साल की मादा निर्वा या करीब तीन साल की बोत्सवाना मूल की मादा चीता को गांधी सागर लाने पर विचार चल रहा था। गांधी सागर में पहले से तीन चीते गांधी सागर में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए नर चीते प्रभास और पावक को अप्रैल 2025 में छोड़ा गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में मादा चीता धीरा को कूनो से यहां लाया गया। इस तरह अभयारण्य में फिलहाल तीन चीते हैं। नई मादा लाने पर विचार वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गांधी सागर में चौथे चीते के तौर पर कूनो से एक मादा को लाने की तैयारी है। इसके लिए निर्वा या बोत्सवाना से आई करीब तीन साल की किसी मादा चीता के नाम पर विचार किया जा रहा है। 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तैयारियां चीतों के लिए गांधी सागर में करीब 64 वर्ग किलोमीटर का सुरक्षित क्षेत्र तैयार किया गया है। यहां बाड़े, निगरानी और दूसरे जरूरी इंतजाम किए गए हैं। अप्रैल 2025 में प्रभास और पावक को गांधी सागर लाकर इसे कूनो के बाद देश में चीतों के दूसरे प्रमुख ठिकाने के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। चीतों की संख्या बढ़ाने पर जोर प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के साथ अब कूनो के अलावा दूसरे उपयुक्त इलाकों में चीतों की संख्या बढ़ाने पर जोर है। 18 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में चीतों की कुल संख्या 56 हो गई है, जिनमें 53 कूनो और तीन गांधी सागर में हैं।
