हमें तो बचपन से घर के बाहर लाल पानी की बोतल टंगी दिखती आ रही है, इसलिए हम भी टांग देते हैं। यह कहना है भोपाल के नेहरू नगर में रहने वाली अमाया यादव का। अमाया अकेली नहीं हैं, जिसने घर के बाहर लाल पानी वाली बोतल टांग रखी है। प्रदेश की राजधानी की कई गलियों में घरों के गेट पर ऐसी ही लाल रंग के पानी वाली बोतलें टंगी नजर आ रही हैं। कोई इसे आवारा कुत्तों को दूर रखने का देसी तरीका बताता है, तो कोई बुजुर्गों से चली आ रही परंपरा और मान्यता। कुछ लोग तो इसे निगेटिव एनर्जी दूर करने का नुस्खा भी बताते हैं। बोतल हवा में हिलती देख कुत्ते दूर चले जाते हैं निशि पटेल ने भी अपने घर के बाहर लाल पानी की बोतल टांग रखी है। उनका कहना है कि इसके पीछे कोई पक्का वैज्ञानिक कारण नहीं है। लोगों में मान्यता है कि कुत्तों को लाल रंग साफ दिखाई नहीं देता। गेट पर बोतल हवा में हिलती रहती है, जिसे देखकर कुत्ते डरकर दूर चले जाते हैं। निशि ने बताया कि पहले बुजुर्ग इसे घर से बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा दूर रखने से भी जोड़ते थे। उनके मुताबिक, यह एक पुरानी मान्यता है, जिसे लोग आज भी अपनाते आ रहे हैं। लाल पानी के रिफ्लेक्शन से कुत्ते डरते हैं दीपांशी पटेल ने बताया कि लाल पानी की बोतल टांगने के पीछे कोई खास वजह उन्हें पता नहीं है। कई बार लोग एक घर के बाहर बोतल टंगी देखते हैं और फिर अपने घर पर भी टांग देते हैं। धीरे-धीरे यह पूरे मोहल्ले में आम हो जाती है। लोगों के बीच मान्यता है कि इससे आवारा कुत्ते घर के बाहर गंदगी नहीं करते। उन्हें फायदा भी हो रहा है। मुझे लगता है कि लाल पानी और लाइट का कुछ रिफ्लेक्शन होगा, शायद जिससे कुत्ते डरते हैं। महावर-सिंदूर मिलाकर बोतल टांगते हैं, कुत्ते दूर रहते हैं अमाया यादव ने बताया कि घर के बाहर टांगी जाने वाली लाल पानी की बोतल में कोई खास केमिकल नहीं मिलाया जाता। पानी में महावर, सिंदूर या लाल रंग मिलाकर बोतल तैयार की जाती है। इसे घर के गेट के बाहर टांग देते हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने से आवारा कुत्ते घर के आसपास नहीं आते और गंदगी भी नहीं करते। अमाया के मुताबिक, कई लोग लंबे समय से इस तरीके को अपना रहे हैं। एक्सपर्ट बोले- इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं वेटरनरी स्पेशलिस्ट डॉ. ब्रजेश गुप्ता का कहना है कि घर के बाहर लाल पानी की बोतल टांगने से कुत्ते दूर रहते हैं, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। उन्होंने बताया कि कुत्ते इंसानों की तरह सभी रंगों को अलग-अलग नहीं पहचान पाते। इसलिए सिर्फ लाल रंग की बोतल देखकर उनके घर के पास नहीं आने का कोई वैज्ञानिक तर्क नहीं है। कुत्ते नीले और पीले रंग को आसानी से देख सकते हैं। इन दोनों रंगों को मिलाकर भूरा भी हल्का देख सकते हैं लेकिन इसके अतिरिक्त रंगों की पहचान करना उनके लिए संभव नहीं हो पाता। भास्कर रिपोर्टर ने चेक की रियलिटी भोपाल में अयोध्या बायपास, अवधपुरी, नेहरू नगर, रचना नगर, गौतम नगर, इंद्रपुरी, बावड़ियाकलां, कोलार, कटारा और लालघाटी जैसे हर इलाके में इस तरह कई घरों के बाहर लाल पानी के बोतल नजर आ रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने कुछ इलाकों में कुत्तों के सामने लाल पानी की बोतल रखी लेकिन कुत्तों ने ज्यादा रिएक्ट नहीं किया। न वो घर की दहलीज छोड़कर भागे और न ही उन्होंने पानी रखने पर गुस्से वाली कोई प्रतिक्रिया दी। ये खबर भी पढ़ें… कुत्ते ने 6 साल की बच्ची को काटा, नाक लटकी खरगोन जिले के बमनाला में घर के आंगन में खेल रही एक बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया। उसके चेहरे और नाक को नोच दिया, जिससे नाक लटक गई। मुंह और चेहरे पर गहरे घाव हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
