राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले अनुमति और आयोजन स्थल को लेकर विवादों की लंबी कड़ी सामने आई है। कार्यक्रम पहले नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद तारीख 12 से बढ़ाकर 19 सितंबर की गई। इसके बाद कांग्रेस ने रीजनल पार्क के सामने आईडीए के मैदान को चुना। मैदान की राशि को लेकर भी अतिरिक्त भुगतान का मामला सामने आया और अब पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति के साथ 31 सुरक्षा शर्तें रखी हैं। कांग्रेस का कहना है कि देश के जिन शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम हुए, वहां किसी न किसी स्तर पर अड़चनें सामने आईं। इंदौर में भी जगह और मैदान की राशि के बाद अब सुरक्षा शर्तों का मामला सामने आया है। कांग्रेस ने कहा है कि वह पुलिस की सभी शर्तों का पालन करेगी। पूर्व मंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य (CWC) कमलेश्वर पटेल ने इन घटनाक्रमों को विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही भाजपा की ओर से अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि, कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय प्रशासन और आयोजन स्थलों की ओर से बताए गए कारण अलग-अलग रहे हैं। दूसरे शहरों में भी बदला कार्यक्रम का गणित ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से हुई थी। इसके बाद देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम हुए। इंदौर पांचवां शहर है, जहां कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। नेहरू स्टेडियम से शुरू हुआ था विवाद इंदौर में कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को होना था। कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम के लिए आवेदन किया था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम 19 सितंबर के लिए तय किया गया। इसके बाद पार्टी ने वैकल्पिक स्थल के रूप में रीजनल पार्क के सामने आईडीए का मैदान चुना। करीब 12 हजार वर्गमीटर के मैदान के अस्थायी उपयोग के लिए कांग्रेस ने 10.08 लाख रुपए जमा किए। आईडीए की मंजूरी के बाद 17 सितंबर को करीब 4 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि जमा कराने को कहा गया। बताया गया कि निर्धारित तारीख से पहले डोम और अन्य तैयारियां शुरू करने के कारण यह राशि मांगी गई। कांग्रेस ने आपत्ति जताई, लेकिन कार्यक्रम तय समय पर कराने के लिए राशि जमा कर दी। पुलिस ने रखीं 31 सुरक्षा शर्तें पुलिस ने कांग्रेस शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे को कार्यक्रम की अनुमति के साथ 31 सुरक्षा शर्तों की सूची दी है। इनमें भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास, तलाशी, CCTV, पार्किंग, चिकित्सा, आपातकालीन निकासी और मंच की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में हुई हत्या की जांच के लिए गठित वर्मा आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सुरक्षा व्यवस्था में आयोजकों की जिम्मेदारियां तय की हैं। ये हैं पूरी 31 शर्तें… एक लाख विद्यार्थियों के पहुंचने का कांग्रेस का दावा कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है। पार्टी ने अलग-अलग इलाकों में छात्रों से संवाद के साथ बारकोड के जरिए पंजीयन भी कराया है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक करीब एक लाख विद्यार्थी कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। शिक्षा, परीक्षा और रोजगार होंगे प्रमुख मुद्दे कार्यक्रम में शिक्षा, परीक्षाओं, पेपर लीक, भर्ती और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस का कहना है कि एकेडमिक कैलेंडर लागू होना चाहिए, परीक्षाएं समय पर होनी चाहिए और शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। मध्यप्रदेश में व्यापमं, MPPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाने की बात कही गई है। पटेल बोले- युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कमलेश्वर पटेल ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं और छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए कार्यक्रम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भाजपा शासित राज्यों में कांग्रेस के कार्यक्रमों को लेकर अलग-अलग तरह की अड़चनें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए युवा भटक रहे हैं और अच्छी शिक्षा के लिए छात्र परेशान हैं। पटेल ने प्रदेश की स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को दीप जलाने के बजाय अच्छी शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन समय पर देने की भी मांग की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इंदौर कार्यक्रम को लेकर भी पटेल ने आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम सरकारी आयोजन जैसा था और इसमें जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने बड़ी संख्या में बसों से लोगों को कार्यक्रम में लाने का भी आरोप लगाया। 250 नेताओं के बैठने की व्यवस्था, देशभर से शामिल होंगे जनप्रतिनिधि कार्यक्रम स्थल में 250 नेताओं के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है। स्थल में इनके लिए अलग से व्यवस्था होगी। यह छात्रों के एरिया से अलग रहेगा। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत्र, हरिश चौधरी सहित मध्य प्रदेश के सभी कांग्रेस विधायक एवं वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए सॉन्ग लॉन्च लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार शाम भोलाराम उस्ताद मार्ग पर सॉन्ग और पोस्टर लॉन्च किया। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने सॉन्ग की औपचारिक लॉन्चिंग की। सॉन्ग की लाइन है- ‘यह छात्रों की गूंज है, हम चुप नहीं बैठेंगे।’पूरी खबर पढ़ें
