मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। उत्साह में गलती कर गए भाजपा विधायक
देश के साथ मध्य प्रदेश में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। लेकिन सिंगरौली में इसी उत्साह के बीच भाजपा विधायक से नारेबाजी में एक मिस्टेक हो गई। दरअसल, कार्यक्रम के दौरान देवसर से भाजपा विधायक राजेंद्र मेश्राम ने कार्यकर्ताओं से नारा लगाने को कहा। विधायक ने पूरे जोश में कहा- ‘नरेंद्र मोदी अमर रहे…’ लेकिन सामने से कोई आवाज नहीं आई। विधायक आश्चर्य में थे। तभी किसी ने ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ का नारा लगाया। तब विधायक को अपनी गलती का एहसास हुआ कि उन्हें ‘नरेंद्र मोदी अमर रहे’ नहीं, बल्कि ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ का नारा लगाना था। अपनी गलती पर विधायक मुस्कुराए और सिर खुजाया। फिर उन्होंने ‘नरेंद्र मोदी, जिंदाबाद’ के नारे लगाए। कुछ देर बाद वे अपनी गलती पर हंसते हुए वहां से निकल गए। अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि विधायक उत्साह में थे, जोश में थे। अब जोश में जुबान फिसल गई तो भला कोई क्या करे। हालांकि, उनकी ये मिस्टेक चर्चा का विषय जरूर बन गई है। कांग्रेस को ‘महंगी’ पड़ रही ‘छात्रों की गूंज’
इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण ने मैदान के किराये के रूप में 10 लाख रुपए लिए थे। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा था कि 10 लाख तो क्या, 10 करोड़ भी मांगते तो जुटाकर देते। अब लगता है कि इंदौर विकास प्राधिकरण ने जीतू पटवारी की इस बात को सीरियसली ले लिया। आईडीए ने अब मैदान के किराये के 4 लाख रुपए और मांग लिए, जिसे कांग्रेस को जमा कराना पड़ा। कांग्रेस अब इसे सरकार की वसूली और डर बता रही है। वहीं, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस कह रही थी कि एक करोड़ मांगेंगे तो एक करोड़ देंगे, अब 10 लाख रुपए के लिए हाय रे हाय रे कर रहे हैं। खरी बात ये है कि राहुल गांधी का ये प्रोग्राम कांग्रेस को आर्थिक रूप से महंगा तो पड़ रहा है, लेकिन पार्टी को उम्मीद है कि सियासी रूप से ये फायदे का सौदा साबित होगा। किसान ने सिंधिया को सुना दी खरी बात
गुना में जनसंपर्क के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को किसानों की खाद की समस्या को लेकर खरी बात सुननी पड़ी। एक किसान ने उनसे कह दिया कि ‘माला पहनाते-पहनाते जिंदगी निकल गई, खाद नहीं मिल रहा है।’ किसान की बात सुनने के बाद सिंधिया ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से किसानों के नाम और मोबाइल नंबर नोट करने को कहा। कलेक्टर ने जब कहा- ठीक है, तो सिंधिया ने दोबारा कहा- ठीक है नहीं, नोट करिए। सिंधिया ने थोड़े सख्त लहजे में कलेक्टर से कहा- पेन और पैड निकालिए और नोट करिए। आप मेरे साथ ड्यूटी पर हैं। मैं हर एक चीज नोट करता हूं, तो आप भी करिए। इसके बाद कलेक्टर ने किसानों के नाम और मोबाइल नंबर नोट किए। अब कैमरे के सामने समस्या तो नोट हो गई, लेकिन खरी बात ये है कि खाद की समस्या चिरस्थायी जैसी है, जिसका स्थायी समाधान हो ही नहीं रहा है। और अब अंदर की बात..
साहब की ‘सेवा संकल्प अभियान’ से दूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में मध्य प्रदेश के हर जिले में सीनियर आईएएस अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इनमें मंत्रालय की उस बिल्डिंग में बैठने वाले एक अधिकारी भी शामिल हैं, जिसमें सीएम भी बैठते हैं। इन अधिकारी की ड्यूटी राजधानी के पड़ोस के एक जिले में लगाई गई है। अब बाकी अधिकारी तो जिलों में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन ये साहब मंत्रालय में ही मीटिंग में व्यस्त रहे। अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि आखिर ये अधिकारी ‘सेवा संकल्प अभियान’ में रुचि क्यों नहीं ले रहे हैं। सुना है कि ये अधिकारी जिस विभाग में पदस्थ हैं, वहां रहना भी नहीं चाहते हैं। इनपुट सहयोग – मोहित राठौर (उज्जैन), राज द्विवेदी (सिंगरौली), विनय यादव (इंदौर), आशीष रघुवंशी (गुना) ये भी पढ़ें –
प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चली गईं भाजपा विधायक: मंत्रियों का तीखे सवालों से सामना पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी एक पुरानी घोषणा को लेकर घिर गए। इसके बाद उन्होंने गेंद वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पाले में डाल दी। उन्होंने कहा कि ‘एक मुख्यमंत्री की घोषणा दूसरे को पूरी करनी चाहिए।’ फिर अतिथि विद्वानों ने उन्हें यह भी याद दिलाया कि सरकार तो भाजपा की ही है। पूरी खबर पढ़ें
