जबलपुर के गढ़ा बाजार में पुराने स्टेट बैंक के पास जवाहर लाल सेन के कच्चे मकान में पिछले तीन दिनों से एक सांप ने दहशत फैला रखी थी। ढाई फीट लंबा यह बादामी रंग का सांप पीले गोल धारी वाला था। यह कभी वॉशरूम, कभी रसोई तो कभी बिस्तर पर दिखाई देता था, जिससे सेन परिवार डरा हुआ था। रविवार को सुबह करीब 10 बजे जवाहर लाल सेन ने सर्प और वन्य प्राणी विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को इसकी सूचना दी। गजेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे और उन्होंने सावधानी से सांप को पकड़ लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। स्वभाव बहुत गुस्सैल और आक्रामक विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि पकड़ा गया सांप गनैता प्रजाति का है, जिसे बुल स्नेक भी कहते हैं। यह जहरीला नहीं होता, लेकिन इसका स्वभाव बहुत गुस्सैल और आक्रामक होता है। छेड़ने पर यह भागने की बजाय हमला कर देता है। इस सांप के 50 दांत होते हैं। इसका मुख्य भोजन छिपकली, चिड़िया के अंडे और चूहों के बच्चे हैं। सांप को पकड़ने के बाद उसे उसके प्राकृतिक घर जंगल में छोड़ दिया गया। गजेंद्र दुबे ने लोगों से अपील की है कि उमस भरे मौसम में सांप ईंट-गिट्टी और कचरे के ढेर में छिपते हैं। इसलिए घरों को साफ-सुथरा रखें, नालियों में फिनाइल डालें और दीवारों की दरारों को भर दें। उन्होंने कहा कि सांप दिखने पर उससे छेड़छाड़ न करें, बल्कि तुरंत विशेषज्ञों को सूचना दें।
