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मायावती भतीजी दीपिका को सौंप सकती हैं पार्टी:कहा- आकाश-ईशान को कोई पद नहीं दूंगी; मैं अविवाहित, मजबूरी में भाई को साथ रखा

बसपा सुप्रीमो मायावती अपनी भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी की कमान सौंप सकती हैं। शनिवार को उन्होंने इसका संकेत दिया। कहा- अगर भाई आनंद कुमार को मदद के लिए किसी सदस्य की जरूरत पड़ती है, तो वह अपनी इकलौती बेटी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं। उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर भविष्य में पार्टी में जिम्मेदारी दी जा सकती है। 19 साल की दीपिका फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। मायावती ने यह भी साफ किया कि दोनों भतीजों आकाश और ईशान को पार्टी में कोई राजनीतिक पद नहीं मिलेगा। भविष्य में उनके बच्चों को भी कोई पद नहीं दिया जाएगा। कांशीराम की तरह मैं भी परिवारवाद के खिलाफ डटी रहूंगी। मैं अविवाहित हूं। महिला हूं, इसीलिए मजबूरी में भाई आनंद कुमार को साथ रखना पड़ा। लेकिन, अब किसी मोह में नहीं पड़ने वाली हूं। मायावती ने 2 दिन पहले भतीजे आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया था। हालांकि, ईशान अभी 19 राज्यों की संगठनात्मक समीक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आखिर मायावती दीपिका को क्यों सौंपेंगी कमान? जानिए मायवाती की 5 बड़ी बातें पढ़िए 1- बेटी तैयार नहीं हुई, तो दलित मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी देंगे मायावती ने साफ किया कि अगर दीपिका इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं होती हैं, तो दलित समाज के मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपेंगे। मैं महिला नहीं होती, तो भाई-बहनों को भी अपने साथ नहीं रखती। महिला होने के कारण सुरक्षा और अन्य परेशानियों से बचने और सम्मान के साथ पार्टी में काम करने के लिए मुझे सबसे छोटे भाई आनंद को अपने साथ रखना पड़ा। खबर में पोल है, आगे बढ़ने से पहले हिस्सा ले सकते हैं 2- कांशीराम की तरह परिवारवाद के खिलाफ डटी हूं अब मैं किसी तरह के मोह में नहीं पड़ूंगी। पार्टी को नुकसान नहीं होने दूंगी। जिस तरह कांशीराम परिवारवाद से दूर रहे, मैं भी परिवारवाद के खिलाफ डटी हूं। BSP में किसी को योग्यता के आधार पर मौका दिया जा सकता है। लेकिन, उसकी आड़ में उसके परिवार के दूसरे सदस्यों को राजनीतिक फायदा नहीं दिया जाएगा। इसका मकसद BSP को परिवारवाद से मुक्त रखना है। 3- विधानसभा चुनाव में 50% जेन-जी को टिकट देंगे आकाश आनंद के निष्कासन से होने वाले संभावित नुकसान की काट के लिए मायावती ने 2027 के विधानसभा चुनावों में जेन-जी को 50% तक टिकट देने की बात कही। मायावती ने कहा- यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में युवा चेहरों को मौका दिया जाएगा। इसमें महिला और पुरुष दोनों की भागीदारी होगी। 4- विरोधी दलों के रवैए से 5वीं बार BSP सरकार नहीं बनी मायावती ने कहा- विरोधी दलों के जातिवादी रवैये से बसपा 2012 में 5वीं बार सरकार नहीं बना सकी। इसका पछतावा सर्वसमाज के लोगों को है। बसपा सरकार के बाद प्रदेश में ‘कानून द्वारा कानून का राज’ कायम नहीं हो सका। लोगों का जीवन परेशानियों से भरा है। केवल सरकारी ढिंढोरा पीटने से लोगों का पेट नहीं भरता। 5- निष्कासित नेताओं की वापसी की खबर ‘फेक न्यूज’ है बसपा को यूपी में सरकार बनाने से रोकने के लिए साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडे अपनाए जा सकते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं को विरोधी दलों और मीडिया-सोशल मीडिया में चलने वाले प्रोपेगेंडा से सावधान रहने को कहा। मायावती ने पार्टी से निकाले गए नेताओं की वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को खारिज किया। कहा- पिछले कुछ दिनों से यह प्रचार किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किए गए लोगों को BSP में वापस लिया जाएगा। ऐसा नहीं है। उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा। आकाश ने 2017 में राजनीति में की थी एंट्री​​ ——————————- यह खबर भी पढ़ें यूपी चुनाव जमीन पर कम, मोबाइल पर ज्यादा लड़ा जाएगा, भाजपा-सपा ने बनाई रीच बढ़ाने की रणनीति यूपी में इस बार विधानसभा चुनाव जमीन से ज्यादा मोबाइल पर लड़ा जाएगा। लोग नेताओं के लंबे भाषणों से ज्यादा रील्स, शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुद्दों को समझ रहे हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर

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