रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी है। BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं। भारत ने लगातार बातचीत के जरिए इन मतभेदों को दूर करने और सदस्य देशों के बीच आम सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई। BRICS समिट से जुड़ीं 7 फोटोज ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा: 10 सबसे अहम बातें पहलगाम आतंकी हमले की निंदा: 22 अप्रैल 2025 के हमले की कड़ी निंदा, 26 लोगों की मौत का जिक्र। आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख: आतंकवाद के हर रूप और हर वजह की निंदा की गई। आतंकवाद को धर्म से न जोड़ें: आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता या समुदाय से जोड़ने का विरोध। सीमा पार आतंकवाद पर कार्रवाई: आतंकवाद, उसकी फंडिंग और आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई पर जोर। आतंकियों की जवाबदेही तय हो: आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की बात। संयुक्त राष्ट्र की आतंकरोधी संधि जल्द बने: अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर प्रस्तावित संधि को जल्द अपनाने की मांग। ब्रिक्स के मूल सिद्धांत मजबूत होंगे: आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, एकजुटता और सहमति से फैसलों पर जोर। एकतरफा टैरिफ की निंदा: एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक पाबंदियों पर चिंता जताई गई। कहा कि ऐसे कदम WTO के नियमों के अनुरूप होने चाहिए। परमाणु खतरा: परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे और बढ़ते वैश्विक तनाव पर चिंता जताई गई। भारत की अध्यक्षता की सराहना: BRICS देशों ने भारत की अध्यक्षता में हुए BRICS प्लस और आउटरीच संवाद की सराहना की। ब्रिक्स समिट में PM मोदी के बयान की 5 अहम बातें अगले 20 साल का नया एजेंडा बनाएं: BRICS के अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा और फैसलों पर अमल की स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव। ग्लोबल साउथ नियम बनाने में हिस्सा ले: AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के नियम तय करने में विकासशील देशों की बराबर भागीदारी पर जोर। युवाओं को तैयार करें: युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत और कानून की ट्रेनिंग देने का सुझाव। नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क बने: मुसीबत में फंसे नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकालने के लिए देशों के बीच नेटवर्क बनाने की बात। भविष्य सबका, फैसला भी सबका: मोदी ने कहा- दुनिया का भविष्य साझा है तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए। जिनपिंग BRICS के लिए 7 साल बाद भारत आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं। गलवान झड़प के बाद यह जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। BRICS समिट में शामिल होने के बाद वे आज शाम प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय बैठक करेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
