एमपी के सागर के बंडा में जिस जहरीली शराब से अब तक 31 लोगों की मौत हुई। ये जहरीली शराब बनाने में मुख्य मास्टरमाइंड अंतरराज्यीय वांटेड रवि लखेरा का नाम सामने आया है। उसके ऊपर एमपी-यूपी में 25 केस दर्ज हैं। रवि, लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह लोधी के साथ मिलकर नकली शराब बनाने का काम कर रहा था। ततरवारा का दबंग चंद्रभान सिंह राजपूत और उसके परिवार के लोग मनीष से जुड़े थे। इस पूरे काम में चंदू का रिश्तेदार शिवान्जय राजपूत भी सक्रिय था। पुलिस अब तक चंद्रभान सिंह राजपूत समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शेष फरार हैं। उनके फोन भी बंद हैं। वांटेड रवि लखेरा और मनीष लोधी की गिरफ्तारी पर 20-20 हजार और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस उन्हें तलाश रही है। दैनिक भास्कर ने शराब बनाने का फार्मूला बताने वाले, उसे बनाने और बेचने की पूरी कहानी समझी। पढ़िए रिपोर्ट… सिलसिलेवार तरीके से समझें कहानी रवि के फार्मूले से चंदू और मनीष ने बनाई थी शराब
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चंद्रभान राजपूत उर्फ चंदू राजपूत निवासी ततरवारा, छापरी निवासी शिवान्जय राजपूत का रिश्तेदार है। शिवान्जय राजपूत बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर के संपर्क में था। लाइसेंसी मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि पिता सुरेश लखेरा उम्र 45 साल हाल निवासी गंगापुरम कालोनी थाना कोतवाली जिला ललितपुर, मूल निवास ग्राम महोवा छतरपुर के संपर्क में था। मनीष ने उससे शराब बनाने का फार्मूला लिया और बनाना सीखा। जन्माष्टमी से दो दिन बनाई थी 50 पेटी जहरीली शराब
जन्माष्टमी से दो दिन पहले चंदू राजा निवासी ततरवारा के मक्के के खेत पर शराब बनाई थी। आरोपी मनीष लोधी और रवि लखेरा ने स्प्रेट, बारदाना, रेपर समेत अन्य साम्रगी उपलब्ध कराई थी। जिससे चंदू राजपूत, शिवान्जय, मनीष लोधी ने 50 पेटी अवैध नकली शराब सागर गोल्ड के नाम से तैयार की थी। उक्त शराब को शिवान्जय राजपूत, मनीष लोधी और चन्दू राजपूत ने ग्राम नौराज, गूगरा, पाटन, छापरी और आसपास के कुछ गांवों में सेल्समेन के माध्यम से सप्लाई की थी। लोगों की मौत के बाद 25 पेटी शराब व सामग्री जला दी
शराब पीने के बाद लोगों की मौतों का मामला सामने आया। जिसे देख आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से खेत में करीब 20-25 पेटी शराब ले जाकर जला दी। शराब बनाने की सामग्री नाले में बहा दी गई। पुलिस नाले में सर्चिंग कराकर उक्त सामग्री जब्त करने का प्रयास कर रही है। मोटी रकम कमाने लाइसेंसी ठेकेदार ने शुरू किया था अवैध शराब का धंधा
आरोपी मनीष उर्फ यशवंत लोधी शुरुआत में अवैध शराब बेचने का काम करता था। धीरे-धीरे उसने शराब ठेकेदारों के बीच पैठ बनाई। पैसा कमाया, जिसके बाद शराब माफिया बन गया। उसने बरेठी शराब दुकान का लाइसेंस लिया। लाइसेंसी ठेकेदार बनने के बाद मोटी कमाई करने नकली शराब बनाने का काम शुरू किया। लाइसेंसी दुकान की आड़ में नकली शराब बिकवाने लगा था। इसके साथ ही बंडा में सागर रोड पर अपना बार खोला। जिसमें शराब परोसी जाती थी। आरोपी मनीष लोधी के खिलाफ 11 अपराध दर्ज हैं। जिसमें से 6 मामले आबकारी एक्ट के हैं। रवि की गिरफ्तारी से खुलेगा शराब बनाने की सामग्री का राज
नकली शराब बनाने के लिए रवि लखेरा ही सामग्री जुटाता था। वह मनीष के साथ शराब बनाने स्प्रेट, बारदाना, रेपर, लेवलिंग, पेकिंग, स्टीकर, मेथनाल एल्कोहल, एथेनाल एल्कोहल समेत अन्य सामग्री लाता था। यह सामग्री कहां से खरीदी गई और कैसे ततरवारा तक पहुंची, इसका पूरा खुलासा आरोपी रवि और मनीष की गिरफ्तारी के बाद हो सकेगा। जन्माष्टमी न होती तो बढ़ती मौतों की संख्या
आरोपियों ने जन्माष्टमी से दो दिन पहले शराब बनाई थी। जिसके बाद जन्माष्टमी के दिन सेल्समैन से गांव-गांव सप्लाई कराई गई। किराना दुकान से लेकर घरों से जहरीली शराब बिकना शुरू हुआ। इस दिन जन्माष्टमी होने के कारण कुछ लोगों का व्रत था और कुछ लोगों ने उस दिन शराब नहीं पी। हालांकि जो लोग शराब के आदी थे, उन्होंने ने शराब पी ली। शराब पीते ही उनकी तबीयत बिगड़ी और शरीर नीला पड़ने लगा। आंखों की रोशनी कम होने लगी। उल्टियां और जकड़न होने लगी। अस्पताल पहुंचने पर मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। मामला सामने आया तो कई लोगों ने कहा जन्माष्टमी नहीं होती तो हम भी शराब पीते। लेकिन भगवान ने बचा लिया। वर्ष 2011 की बोतल में मिली शराब
मामला सामने आते ही पुलिस ने गांव-गांव में दबिश दी और नकली व अवैध शराब पर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान आरोपियों ने खुद को बचाने शराब खेतों, नालों और कुंओं में फेंक दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बमूरा गांव में खेत से शराब जब्त की। जब्ती के दौरान कुछ क्वार्टर की बोतल वर्ष 2011 लिखा था। जिससे स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने पुराने वारदाने में नकली शराब भरकर सप्लाई की है। जुझार को पकड़ा तो खुला ततरवारा के चंदू का काला कारोबार
मामले में पुलिस ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से पूछताछ की। पूछताछ में शराब बेचने वाले जुझार लोधी निवासी नौराज का नाम सामने आया। इस गांव में जहरीली शराब पीने से करीब 5 मौतें हुई। कई बीमार पड़े। पुलिस ने बगैर देरी किए रविवार की सुबह ही जुझार को धरदबोचा। उसके पास से 43.2 लीटर नकली व जहरीली शराब जब्त की गई। पूछताछ में उसने शराब का सोर्स ततरवारा का चंदू राजपूत बताया। फिर क्या पुलिस ने चंदू को धरदबोचा। भाई की पत्नी सरपंच, आरोपी चंदू खुद को सरपंच बताता था
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत सरपंच नहीं है। उसके भाई की पत्नी नौराज ग्राम पंचायत से सरपंच है। लेकिन आरोपी क्षेत्र में खुद को सरपंच बताकर रसूख दिखाता था। चूंकि वही पंचायत के कामों को देखता था इसलिए लोग भी उसे ही सरपंच मानते रहे। इसके साथ ही करणी सेना का पदाधिकारी है। आरोपी चंदू राजपूत आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसके खिलाफ पूर्व से 5 अपराध दर्ज हैं। ये प्रमुख आरोपी है फरार
घटनाक्रम में शामिल आरोपी मधीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर निवासी चंडा, आरोपी रवि पिता सुरेश लखेरा उम्र 45 साल निवासी ग्राम महोवा छतरपुर और शिवान्जय सिंह निवासी छापरी समेत अन्य फरार है।
फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगाई
एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि शराब मामले में 16 आरोपी गिरफ्तार किए है। अन्य आरोपी फरार है। जिनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से शराब से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मामले जल्द मास्टरमाइंड और वांटेड आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। यह खबर भी पढ़ें… MP शराबकांड-3 आरोपियों के 5 मकान गिराए सागर के बंडा में जहरीली शराब से मौतों के मामले में गुरुवार को बड़ा एक्शन हुआ। नगर पालिका की टीम, फोर्स के साथ वार्ड नंबर 11 और 12 में पहुंची। यहां मुख्य आरोपी और करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू और आशीष साहू के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। पूरी खबर पढ़ें…
