Homeदेशतमिलनाडु CM ‘जबड़े वाले इशारे’ को लेकर विवाद:DMK और सहयोगी CPM ने...

तमिलनाडु CM ‘जबड़े वाले इशारे’ को लेकर विवाद:DMK और सहयोगी CPM ने बॉडी-शेमिंग का आरोप लगाया, विजय बोले जानबूझकर नहीं किया

तमिलनाडु विधानसभा में 7 सितंबर को सीएम विजय के हाथ से किए गए इशारे को लेकर विवाद हो गया है। विपक्षी पार्टी DMK और सरकार को बाहर से समर्थन दे रही CPM ने विजय पर पूर्व CM एमके स्टालिन के साथ बॉडी-शेमिंग करने और 1975-77 के आपातकाल के दौरान गिरफ्तारियों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। हालांकि विजय ने इस इशारे के लेकर मंगलवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया था।
पहले जान लें क्या है मामला विजय ने विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए आपातकाल और मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट 1971, (MISA) के तहत हुई गिरफ्तारियों का जिक्र किया था। उन्होंने एमके स्टालिन का नाम नहीं लिया, लेकिन यह कहते हुए अपने जबड़े के पास इशारा किया- ‘हर बात पर हमारे दोस्त कहते रहते हैं कि हमने MISA देखा है। अगर वे हर बात में MISA ले आएं, तो हम क्या कर सकते हैं।’ विपक्ष ने इस इशारे को एमके स्टालिन के जबड़े से जोड़कर देखा। स्टालिन को आपातकाल के दौरान 1976 में गिरफ्तार किया गया था और आरोप है कि पुलिस हिरासत में उन पर हमला हुआ था, जिससे उनका जबड़ा टूट गया था। DMK बोली- आपातकाल को भद्दे तरीके से पेश कर रहे सीएम DMK सांसद कनिमोझी ने कहा कि विजय भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे अंधेरे दौर को हल्का करके पेश कर रहे हैं। कनिमोझी ने कहा, वे MISA और आपातकाल को भद्दे तरीके से पेश कर रहे हैं। देशभर में इसका विरोध करने वाले बहुत से लोगों को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने कितना कुछ सहा। उनके कई कम्युनिस्ट साथी भी जेल में बंद किए गए थे।आज मुख्यमंत्री विजय का भाषण सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया CPM नेता ने कहा- इतिहास जाने बिना आरोप न लगाएं तमिलनाडु CPM के प्रदेश सचिव शनमुगम ने भी विजय की आलोचना की। उनकी पार्टी विजय की TVK सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है। शनमुगम ने कहा, ‘आपातकाल के दौरान पुलिस की मारपीट में एमके स्टालिन का जबड़ा टूट गया था। मुख्यमंत्री की ओर से किया गया बॉडी-शेमिंग गैर-जिम्मेदाराना है।’ TVK ने बॉडी-शेमिंग के आरोप से इनकार किया TVK के प्रवक्ता सत्यकुमार ने बॉडी-शेमिंग के आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘वह सिर्फ एक इशारा था और इसमें कोई बॉडी-शेमिंग नहीं थी।’ उन्होंने कहा कि TVK असहमति का स्वागत करती है, लेकिन विजय का इशारा बॉडी-शेमिंग नहीं था। कानून मंत्री बोले- हर गिरफ्तारी MISA के तहत नहीं MISA को लेकर विवाद विधानसभा में भी गूंजा। बहस के दौरान कानून मंत्री निर्मल कुमार ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘आपातकाल के दौरान चोरी, हत्या या महिलाओं को बदनाम करने के मामलों में भी गिरफ्तारियां हुई थीं। सभी गिरफ्तारियों को MISA के तहत हुई गिरफ्तारी नहीं माना जा सकता।’ एमके स्टालिन की 1976 की गिरफ्तारी और जबड़ा टूटना 1976 में इमरजेंसी के दौरान, एमके स्टालिन को MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था। स्टालिन ने अपनी आत्मकथा में बताया कि चेन्नई सेंट्रल जेल में पुलिस हिरासत के दौरान उन्हें बेरहमी से पीटा गया था। इस कारण उनका जबड़ा टूट गया था।
बॉडी-शेमिंग क्या है? बॉडी-शेमिंग का अर्थ किसी व्यक्ति के शारीरिक आकार, वजन, रंग या बनावट को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना या उसका मजाक उड़ाना है। यह एक प्रकार की हिंसा है जो व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है, जिससे उसे शर्मिंदगी, तनाव और हीन भावना महसूस हो सकती है। ———————– ये खबर भी पढ़ें: तृषा ने विजय को जन्मदिन की बधाई दी:बर्थडे के एक दिन बाद केक के साथ फोटो शेयर कर लिखा- जन्मदिन मुबारक अफेयर की खबरों के बीच एक्ट्रेस तृषा ने मुख्यमंत्री विजय के 52वें जन्मदिन के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने केक के साथ दोनों की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “उस इंसान को जन्मदिन मुबारक, जो हर चीज को मायने देता है।” पढ़ें पूरी खबर…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here