छह साल पहले पूर्व कुलपति डॉ.दुरेहा द्वारा 51 भर्तियों पर ऑडिट विभाग ने की थी आपत्ति, नियम संविदा नियुक्ति को ‘विशेष कार्य’ से जोड़ते हैं; यहां 11 क्लर्क, 7 MTS, कुक-नर्स तक रखे लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) में कुलपति बदले, लेकिन संविदा भर्ती के तौर-तरीकों का सिलसिला नहीं बदला। छह साल पहले तत्कालीन कुलपति डॉ. दिलीप कुमार दुरेहा के कार्यकाल में 51 गैर-स्वीकृत पदों पर नियुक्तियों और ₹2.63 करोड़ के भुगतान पर ऑडिट ने आपत्ति उठाई थी। अब कुलपति डॉ. कल्पना शर्मा के कार्यकाल में फिर नियमों को ताक पर रखते हुए 47 लोगों का चयन किया गया। नियुक्ति किस आधार पर होगी, किस पद के लिए क्या शैक्षणिक योग्यता रहेगी, कितना वेतनमान दिया जाएगा ? इसके संबंध में विधिक प्रक्रिया की अनदेखी की गई। यही नहीं, लगभग 40 प्रतिशत तो पुराने कर्मचारियों को ही रिपीट किया गया है। भास्कर की पड़ताल में ऐसे 47 लोगों के नाम सामने आए,जिन्हें नियुक्ति दी गई। इनका वेतन ₹19 हजार से ₹1 लाख प्रतिमाह तक है। इसमें 11 जूनियर क्लर्क, 7 MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ), 4 हॉस्टल इंचार्ज, 3 नर्स और 3 कुक सहित अन्य पद हैं। सूत्रों की मानें तो लेडीज हॉस्टल इंजार्ज जैसे नए पद भी सृजित किए गए। जिन पर पूर्व में कभी भर्ती नहीं हुई। भास्कर के पास वो दस्तावेज मौजूद हैं, जिनसे ये पुष्टि हो रही है कि कौन-कौन से पद 1st Time सृजित किए गए। बड़ा सवाल ये है कि कंसल्टेंट, सीनियर अकाउंट असिस्टेंट, हॉस्टल इंचार्ज जैसे नए पद किस नियम के अनुसार बनाए गए और उन पर किसकी अनुमति से नियुक्ति की गईं ? 2020 में भी यही स्थिति… ऑडिट ने नहीं माना था जवाब
8 जनवरी 2020 के ऑडिट रिकॉर्ड में 51 संविदाकर्मी गैर-स्वीकृत पदों पर मिले थे। ऑडिट ने 2018-19 से नवंबर 2019 तक करीब ₹2.63 करोड़ के वेतन भुगतान को अनियमित माना था। तब संस्थान ने गतिविधियां बढ़ने, नियमित कर्मचारियों के रिटायर होने और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट द्वारा कुलपति को जरूरत के मुताबिक संविदा नियुक्ति की अनुमति देने का तर्क दिया था। ऑडिट ने जवाब नहीं माना। लेकिन आपत्ति आने तक कर्मचारियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका था और मामला आगे नहीं बढ़ा। नियम क्या कहते हैं… भर्ती से क्या सवाल उठे
पद सृजन: 2016 के सर्विस बायलॉज के अनुसार पद बनाने व भरने में केंद्र सरकार के निर्देश लागू होंगे। मंत्रालय ने भी नियम मंजूर कर निर्धारित प्रक्रिया के बिना नए पद बनाने या वित्तीय दायित्व लेने की अनुमति नहीं दी थी।
सवाल: 47 पद गैर-स्वीकृत हैं तो चयन किस अधिकार से हुआ?
संविदा का उद्देश्य: संविदा नियुक्तियां विशेष कार्य के लिए की जाती हैं।
सवाल: क्लर्क, MTS, कुक, नर्स और हॉस्टल इंचार्ज किस विशेष कार्य के लिए रखे गए?
पद और संख्या: सूची में हर पद के साथ संख्या तय है।
सवाल: 11 क्लर्क, 7 MTS सहित पदों की जरूरत-संख्या किस सक्षम स्तर पर तय और मंजूर हुई?
वेतन: गैर-स्वीकृत पदों पर ₹19 हजार से ₹1 लाख तक वेतन है।
सवाल: पदनाम/वेतन किस नियम व वित्तीय मानक से तय हुए। जिम्मेदारों को फोन किया, मैसेज भेजे पर नहीं मिला जवाब
एलएनआईपीई की कुलपति प्रो.कल्पना शर्मा का पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने कई बार फोन किए, टैक्स्ट मैसेज भी भेजा लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। ठीक इसी तरह संस्थान के कुलसचिव यतेंद्र सिंह ने फोन पर बात की और जानकारी देने की हामी भरी लेकिन उसके बाद फोन नहीं उठाया।
