भिंड में किसानों के लिए आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में उस समय अव्यवस्था सामने आ गई, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ऑनलाइन संबोधन के दौरान ही बिजली गुल हो गई। नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में दोपहर करीब 1:15 बजे विद्युत आपूर्ति बाधित होने से मुख्यमंत्री का संबोधन प्रभावित हुआ। कार्यक्रम में आए किसानों और अतिथियों के सामने हुई इस घटना को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने एमपीईबी के महाप्रबंधक मनीष गौतम और उप महाप्रबंधक नवाब सिंह परिहार को नोटिस जारी कर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार संकल्पित है। पूरा वर्ष किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेशभर में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें किसान उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भिण्ड जिले को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए भी सराहा। उन्होंने कहा कि जिले में 3 हजार से अधिक किसानों ने 1250 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाई है। 60 गौशालाएं संचालित हो रही हैं और दुग्ध संकलन में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ग्राम पांडरी में स्वावलंबी गौशाला में 5 हजार गौवंश के स्थायी आश्रय की व्यवस्था की जा रही है। मत्स्य पालन में आधुनिक तकनीक के जरिए 25 लाख रुपए से अधिक की लागत से 8 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है। देखिए तीन तस्वीरें… सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ेगा रकबा मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल-कालीसिंध-पार्वती लिंक परियोजना से भिण्ड जिले को लाभ मिलेगा। सिमार स्टॉप डेम से 210 हेक्टेयर तथा कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना से 15 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वर्तमान में राजघाट नहर, चंबल नहर प्रणाली और हरसी नहर प्रणाली से 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर पूरे प्रदेश में उत्सव के माहौल में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। किसान इसमें उत्साह से भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बलराम की कृपा से किसान कल्याण वर्ष के आयोजनों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कार्यक्रम में मंत्री राकेश शुक्ला और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 प्रगतिशील किसानों को शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इनमें फलोद्यान नर्सरी, नर्सरी विकास, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, केंचुआ खाद उत्पादन, उन्नत तकनीक से टमाटर-मिर्च उत्पादन और देशी बीज संरक्षण करने वाले किसान शामिल रहे। कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निराली बघेल, कृतिका दुबे, प्रिंसी, साक्षी शर्मा, छवि परमार, सोनम देवी, साहिल यादव और अभय शर्मा को भी सम्मानित किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उद्यानिकी, पशुपालन, मृदा स्वास्थ्य और उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम स्थल पर किसान पंजीयन, ई-केवाईसी और फार्मर आईडी के स्टॉल लगाए गए। विभिन्न विभागों ने योजनाओं और उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई। स्वसहायता समूहों के उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय भी हुआ। तीन सितंबर को ही दिए थे बिजली व्यवस्था के निर्देश कलेक्टर की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि बलराम कृषि महोत्सव के सुचारु संचालन के लिए कार्यक्रम स्थल पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश 3 सितंबर को ही दिए गए थे। इसके बावजूद 5 सितंबर को करीब 1:15 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई और मुख्यमंत्री के संबोधन के समय कार्यक्रम प्रभावित हुआ। कलेक्टर ने इसे संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता का द्योतक बताते हुए तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कार्यक्रम में एपेक्स बैंक अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरोज बघेल, नागरिक आपूर्ति निगम उपाध्यक्ष संजीव कांकर, जिला पंचायत सीईओ वीर सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, किसान और नागरिक मौजूद रहे। बिजली कंपनी के महाप्रबंधक मनीष गौतम ने कहा—कार्यक्रम स्थल पर स्थायी-अस्थायी कनेक्शन नहीं था बिजली कंपनी के महाप्रबंधक मनीष गौतम ने बताया कि बलराम कृषि महोत्सव की विद्युत व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन स्थल पर कंपनी का कोई स्थायी या अस्थायी कनेक्शन नहीं था। बिजली के लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के दौरान जनरेटर की सप्लाई बाधित होने से बिजली चली गई और मुख्यमंत्री के ऑनलाइन संबोधन के दौरान कार्यक्रम प्रभावित हुआ। जनरेटर किस विभाग या एजेंसी ने लगाया था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था की वास्तविक जिम्मेदारी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी स्पष्ट कर सकते हैं।
